दैनिक भास्कर हिंदी: रीवा: ट्रक से बरामद हुआ दस करोड़ का गांजा, वनस्पति घी के कार्टून के बीच छिपाकर ले जा रहे थे तस्कर

January 23rd, 2019

डिजिटल डेस्क, रीवा। मध्यप्रदेश के रीवा जिला मुख्यालय के समीप बाइपास रोड पर एक ट्रक से पुलिस ने 10 करोड़ रुपए कीमत का गांजा बरामद किया किया है। गांजा की यह बड़ी खेप ट्रक में वनस्पति घी के कार्टूनों के बीच छिपाकर ले जाई जा रही थी। इस ट्रक से गांजा की खेप सुरक्षित ले जाने के लिए स्कार्पियो वाहन से नजर भी की जा रही थी। पुलिस ने गांजा की इस खेप के साथ पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। चोरहटा थाना में आरोपियों के विरुद्ध  एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाही की है।

मैहर की तरफ  जा रही है बड़ी खेप-
पुलिस कंट्रोल रूम में इसका खुलासा करते हुए रीवा रेंज के आईजी उमेश जोगा ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि ट्रक में अवैध गांजे की बड़ी खेप मैहर की तरफ से रीवा की ओर आ रही है। इस सूचना पर पुलिस की टीम रवाना हुई। रात्रि लगभग 12.50 बजे रीवा बाईपास से रीवा रोड चोरहटी से ट्रक क्रमांक एमपी 20 एचबी 3344 एवं ट्रक के आगे चल रही सफेद रंग की स्कार्पियो एमपी 17 सीए 5835 को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान ट्रक के ड्राइवर एवं उनके साथियों द्वारा पूछताछ पर वनस्पति घी के कार्टूनों के बीच में अवैध मादक पदार्थ गांजा रीवा के मनोज पाण्डेय और रामलाल जायसवाल द्वारा स्कार्पियो वाहन से पायलेटिंग कर रीवा तथा आसपास के क्षेत्रों में बिक्री के लिए मंगवाए जाने की जानकारी दी गई।

2 लाख में हुआ था पहुंचाने का सौदा-
मौके पर ही पुलिस द्वारा गांजा की तौल कराई गई। इसका वजन 10 क्विंटल 50 ग्राम पाया गया। उन्होंने बताया कि जप्त गांजा की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 10 करोड़ रुपए है। खुलासा के दौरान डीआईजी अविनाश शर्मा, एसपी आबिद खान और एडिशनल एसपी आशुतोष गुप्ता सहित पूरी टीम मौजूद रहे।

गांजा पहुंचाने के लिए दो लाख में हुई थी बात गांजा की खेप के साथ ट्रक चालक और खलासी भी पकड़े गए हैं। ट्रक चालक ने पुलिस को बताया कि जब वह डालडा की खेप लेकर जा रहा था तो रास्ते में एक व्यक्ति मिला और रीवा तक गांजा की खेप पहुंचाने की बात कही। इस कार्य के लिए 2 लाख रुपए देने की बात की थी।

लंबे समय से रुकी थी यह बड़ी खेप-
पुलिस को अब तक की जांच में पता चला है कि विधानसभा चुनाव के दौरान सघन जांच होने की वजह से यह खेप रायपुर में रोक दी गई थी। आने वाले समय में लोकसभा चुनाव भी होने हैं इस वजह से फिर जगह-जगह सघन जांच होगी। गांजा तस्करों ने यह समय ठीक समझा और वनस्पति घी के कार्टूनों के बीच गांजा छिपाकर ला रहे थे लेकिन पकड़े गए।

पूरे रास्ते रखते थे नजर-
आईजी ने बताया कि गांजा का यह कारोबार कई लोगों की सहभागिता से संचालित होता है। गांजा की खेप को लाने के लिए पूरे रास्ते पायलेटिंग की जाती है। पायलेटिंग कर यह सुनिश्चित किया जाता है कि आगे पुलिस की चेकिंग तो नहीं लगी है। यदि पुलिस की चेकिंग चलती है तो गाड़ी को आगे नहीं बढ़ाते।

टीम में ये रहे शामिल-
गांजा की इस बड़ी खेप के पकडऩे में चोरहटा टीआई अनिमेष द्विवेदी, उप निरीक्षक वीरेन्द्र सिंह परिहार, महेन्द्र सिंह, पीएसआई मृगेन्द्र सिंह, सिरमौर थाना के उप निरीक्षक शिवा अग्रवाल, पनवार थाना प्रभारी कन्हैया सिंह बघेल, सहायक उप निरीक्षक आरपी प्रजापति, केएल बागरी, आरक्षक पंकज मिश्रा, त्रिदेव तिवारी, रवि प्रताप, दिलीप तिवारी, मनोज द्विवेदी, प्रीतेश मिश्रा, महक गौतम, बृजेश दहायत, अशोक सिंह बघेल, रुस्तम बागरी, सहायक निरीक्षक सोनल झा, आरक्षक प्रशांत विश्वकर्मा, शैलेन्द्र दीपांकर, लीलाधर डोंगरे, रवीन्द्रपाल, अनिल दुबे, कौशलेन्द्र सिंह परिहार आदि की सूचना संकलन और मैदानी कार्यवाही में सराहनीय भूमिका रही।

डीआईजी जुटाएंगे पूरी जानकारी-
आईजी उमेश जोगा ने बताया कि गांजा तस्करों का नेटवर्क रीवा जिले के साथ ही यूपी तक पहुंच चुका था। पन्ना में भी गांजा की खेप पहुंच रही थी। ट्रक से गांजा लाने के बाद जंगल में इसे छोटे वाहनों में लोड करते हुए सप्लाई की जाती थी। इस तरह की तमाम जानकारियां मुखबिरों के माध्यम से एकत्रित करते हुए यह एक बड़ी सफलता पुलिस के हाथ लगी है। उन्होंने बताया कि इस कार्य में शामिल कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आ चुके हैं। आरोपियों से और भी जानकारी जुटाई जा रही है। डीआईजी अविनाश शर्मा इस पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रहे हैं।

ये हुए गिरफ्तार
> वीर सिंह पुत्र सोहन सिंह निवासी गढ़ा जबलपुर।
> गुरुविंदर सिंह पुत्र लखवीर सिंह, निवासी गुरदासपुर पंजाब।
> मुकेश प्रसाद विश्वकर्मा पुत्र भगवानदास, निवासी-गढ़ा जबलपुर।
> मनोज पाण्डेय पुत्र चंद्रशेखर, निवासी बीड़ा थाना सेमरिया, जिला रीवा।
> रामलाल जायसवाल पुत्र दद्दी प्रसाद, निवासी- रीवा।