दैनिक भास्कर हिंदी: पति के साथ पत्नियाँ भी लिख रहीं थीं सट्टा-पट्टी, कैमरे से निगरानी रखे हुए थे गुर्गे

January 5th, 2019

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। लार्डगंज थाना क्षेत्र स्थित रानीताल केसरवानी कॉलेज के समीप स्मिता गृह उद्योग के सामने शहर के हाईटेक सट्टे के अड्डे पर पुलिस ने रेड मारी। शुक्रवार की शाम करीब 6 बजे हुई इस कार्रवाई में मकान के अंदर नितिन उर्फ निक्कू रैकवार और उसके भाई सुधीर रैकवार के साथ नितिन की पत्नी आरती और सुधीर की पत्नी सीमा रैकवार अपने साथियों के साथ बैठकर फोन पर सट्टा लिख रहीं थीं। कमरे के अंदर चारों लोगों के अलावा गढ़ाफाटक निवासी जगमोहन सोनी, करमेता निवासी सच्चिदानंद शर्मा, धनवंतरी नगर निवासी अनंत राम बाजपेई, अधारताल निवासी भगवानदास पटेल, खितौला निवासी रमेश प्रसाद श्रीवास और चेरीताल निवासी रतन केवट भी अलग-अलग मोबाइल फोन से सट्टे की बुकिंग कर रहे थे। पुलिस के पहुँचते ही नितिन और सुधीर तो भाग निकले, लेकिन अन्य लोगों को पुलिस ने दबोच  लिया। तलाशी लेने पर 21 हजार 600 रुपए, 13 मोबाइल फोन,गुप्ती, चाकू, सट्टा का चार्ट, एयर पिस्टल और अंग्र्रेजी शराब के साथ सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर जब्त किए गए। प्रभारी एसपी दीपक कुमार शुक्ला के अनुसार मुखबिर की सूचना पर गढ़ा सीएसपी हंसराज सिंह, प्रशिक्षु आईपीएस रविन्द्र शर्मा, ओमती टीआई नीरज वर्मा के साथ क्राइम टीम को भेजा गया था। जहाँ 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। एएसपी शुक्ला के अनुसार मुख्य आरोपी नितिन और सुधीर का पुराना रिकॉर्ड भी है, जिनकी तलाश की जा रही है।

रघुवीर के बेटे हैं नित्तू-सिद्धू
नितिन उर्फ नित्तू और सिद्धू उर्फ सुधीर के पिता रघुवीर रैकवार के बेटे हैं। रघुवीर की मौत हो चुकी है, लेकिन रघुवीर को शहर के पुराने बड़े सटोरियों में गिना जाता था। कुछ साल पूर्व नितिन पर भाजपा कार्यकर्ता की हत्या का आरोप लगा था। लार्डगंज टीआई को नोटिस-एएसपी शुक्ला के अनुसार इस कार्रवाई के बाद उन्होंने लार्डगंज थाना प्रभारी एसएम उपाध्याय को शोकॉज नोटिस भेजकर जवाब माँगा है।

रांझी व घमापुर में भी सटोरिए गिरफ्तार
रांझी एवं घमापुर में पुलिस ने दो सटोरियों को गिरफ्तार किया है। रांझी में दीपक भारती एवं घमापुर में सरकारी कुआं के पास अरुण तिवारी को सट्टा-पट्टी के साथ गिरफ्तार किया है। उक्त दोनों से 14 हजार रु. जब्त किए हैं। एएसपी शुक्ला ने बताया कि टीआई उपाध्याय के इलाके में चेतावनी के बावजूद सट्टे का अड्डा संचालित हो रहा था, लेकिन उनके द्वारा कार्रवाई क्यों नहीं की गई, इस संबंध में जवाब माँगा गया है।

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