दिनभर चला बैठकों का दौर : महाराष्ट्र : राजनीतिक संकट, सरकार बचाने में जुटे तीनों दलों के नेता 

June 21st, 2022

डिजिटल डेस्क, मुंबई । महाराष्ट्र विधान परिषद की 10 सीटों के लिए सोमवार को हुए मतदान में सत्ताधारी महा विकास आघाडी के घटक दल कांग्रेस के एक उम्मीदवार की हार के बाद राज्य की ठाकरे सरकार पर संकट शुरु हो गया है। मंगलवार की सुबह होते-होते सरकार पर खतरे के बादल पूरी तरह छा गए। शिवसेना विधायक दल के नेता व राज्य के नगरविकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने पार्टी से बगावत करते हुए शिवसेना के दो दर्जन विधायकों के साथ भाजपा शासित राज्य गुजरात के सूरत पहुंच गए। पार्टी से बगावत करने वालों में कुछ मंत्री भी शामिल हैं। हालांकि, शिंदे ने फिलहाल अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। इस बीच, प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा है कि अगर शिंदे सरकार बनाने का प्रस्ताव लेकर आते हैं तो भाजपा इस पर ‘जरूर विचार करेगी।’ वहीं, दिल्ली में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि महाराष्ट्र में तीसरी बार सरकार गिराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह शिवसेना का आंतरिक मामला है और उद्धव ठाकरे स्थिति को संभाल लेंगे।   समाचार लिखे जाने तक शिंदे अपने समर्थक विधायकों के साथ सूरत के ली मेरिडियन होटल में जमे हुए थे। उन्हें मनाने के लिए उद्धव ठाकरे के निजी सचिव मिलिंद नार्वेकर और शिंदे के करीबी विधान परिषद सदस्य रविंद्र फाटक सूरत गए। इस बीच शिवसेना ने शिंदे को पार्टी के विधायक दल के नेता पद से हटा कर अजय चौधरी को नया गट नेता नियुक्त कर दिया है।  

सोमवार की रात शिंदे ने अपने समर्थक विधायकों पहले अपने सरकारी बंगले पर बुलाया। इसके बाद उन्हें साथ लेकर ठाणे पहुंचे। यहां से पहले 12 विधायक सूरत भेजे गए। रात करीब 2 बजे शिंदे भी अपने अन्य समर्थक शिवसेना विधायकों के साथ सूरत के ली मेरिडियन होटल पहुंच गए। इस बीच रात में ही शिवसेना नेतृत्व को कई विधायकों के नॉट रिचेबल होने की खबर मिल गई और विधायकों की खोजबीन शुरु कर दी गई। देर रात करीब 2 बजे राकांपा प्रदेश अध्यक्ष व मंत्री जयंत पाटील मुख्यमंत्री ठाकरे से मिलने उनके सरकारी आवास पर पहुंचे। गायब विधायकों से सम्पर्क की कोशिश शुरु हुई पर इनके मोबाईल फोन बंद मिले। सुबह होते-होते शिंदे के सूरत के पांच सितारा होटल में होने की तस्वीरे सामने आ गई।  इस बीच विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस मंगलवार की सुबह दिल्ली रवाना हो गए। इसके पहले विधान परिषद चुनाव परिणाम सामने आने के बाद फडणवीस की मौजूदगी में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की सोमवार की आधी रात तक बैठक हुई। इस बैठक में फडणवीस के अलावा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल, विधायक आशीष शेलर भी मौजूद थे।  

मुख्यमंत्री ने बुलाई बैठक 
राज्य में राजनीतिक भूकंप को देखते हुए मुख्यमंत्री ठाकरे ने दोपहर 12 बजे अपने सरकारी आवास वर्षा पर शिवसेना विधायकों व नेताओं की बैठक बुलाई। इस बैठक में शिवसेना के 55 विधायकों में से 18 ही पहुंचे। बैठक में एकनाथ शिंदे को शिवसेना विधायक दल के नेता पर से हटाने और मुंबई से शिवसेना विधायक अजय चौधरी को यह जिम्मेदारी सौंपने का फैसला लिया गया।  

शिंदे को मनाने सूरत पहुंचे नार्वेकर-फाटक
बगावत कर सूरत में डेरा जमाने वाले शिंदे को मनाने के लिए दोपहर उद्धव के बेहद करीबी उनके निजी सचिव मिलिंद नार्वेकर और ठाणे के रहने वाले शिवसेना के विधान परिषद सदस्य रविंद्र फाटक मुंबई से सूरत के लिए रवाना हुए। शाम 4.40 बजे दोनों ने सूरत के ली मेरिडियन होटल पहुंच कर शिंदे से मुलाकात की। करीब आधे घंटे के बाद नार्वेकर व फाटक होटल से बाहर निकले और मीडिया से बात किए गए वहां से चले गए। 

सीएम के सामने शिंदे ने रखी मांग ‘मुझे मंत्री नहीं बनाए तो भी चलेगा पर भाजपा के साथ सरकार बनाए शिवसेना’
अपने समर्थक विधायकों के साथ सूरत में डेरा डाले शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की है। सूत्रों के अनुसार शिंदे ने मुख्यमंत्री से कहा है कि राकांपा-कांग्रेस को छोड़ कर भाजपा के साथ सरकार बनाई जाए। शिंदे ने कहा कि मुझे मंत्री नहीं बनाया तो भी चलेगा पर कांग्रेस-राकांपा का साथ छोड़कर हिंदुत्ववादी भाजपा के साथ सरकार बनाओ। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि शिवसेना की विचारधारा हिंदुत्व की है, इस लिए भाजपा के साथ गठबंधन समय की मांग है। इस दौरान शिंदे ने इस बात को लेकर भी शिकायत कि की उनके खिलाफ ठाणे में नफरत फैलाई जा रही है। सीएम से बातचीत में शिंदे ने संजय राऊत की भी शिकायत की। उद्धव के साथ-साथ उनकी पत्नी रश्मी ठाकरे ने भी शिंदे से फोन पर बात की। मुख्यमंत्री ने शिंदे से कहा कि वे मुंबई लौट आए, यहां बैठ कर बात करते हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व राजस्व मंत्री बाला साहेब थोरात ने शिंदे व मुख्यमंत्री ठाकरे के बीच बातचीत होने की पुष्टि की। इस बीच कांग्रेस-राकांपा विधायकों की भी बैठक हुई। बैठक में राजनीतिक परिस्थिति की समीक्षा की गई।    इसके पहले शिंदे ने ट्विट कर कहा था कि ‘हम बाला साहेब ठाकरे के कट्टर शिवसैनिक हैं। बाला साहेब ने हमें हिंदुत्व सिखाया है। बाला साहेब के विचार और धर्मवीर आनंद दिघे साहब की सीख का असर है कि सत्ता के लिए हमने कभी बेईमानी नहीं की और न ही कभी करेंगे।’  

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