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अग्रसेन मंडल चुनाव: बोगस मतदान को लेकर हंगामा, रोकना पड़ा मतदान

October 29th, 2018 12:30 IST
अग्रसेन मंडल चुनाव: बोगस मतदान को लेकर हंगामा, रोकना पड़ा मतदान

डिजिटल डेस्क, नागपुर। श्री अग्रसेन मंंडल की कार्यकारिणी के चुनाव में बोगस मतदान को लेकर हुए हंगामे के बाद मतदान रोक दिया गया। इस संबंध में पांच घंटे से अधिक चली बैठक के बाद चुनाव अधिकारियों ने पुनर्मतदान की घोषणा की। पुनर्मतदान की तारीख और समय तय नहीं है। श्री अग्रसेन मंंडल की कार्यकारिणी के चुनाव के लिए सुबह 8 बजे चुनाव अधिकारियों की निगरानी में उत्साहपूर्ण माहौल में मतदान शुरू हुआ। मतदान को लेकर मतदाता काफी उत्साहित नजर आए। पुरुषों के साथ समाज की महिलाओं ने भी मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। दोपहर को कलश पैनल के कार्यकर्ताओं ने बोगस मतदान का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने इसकी शिकायत चुनाव अधिकारियों से भी की। 

एक पैनल पुनर्मतदान पर आैर दूसरा मतदान जारी रखने पर अड़ा रहा
कलश पैनल के सदस्यों ने बोगस मतदान का आरोप लगाते हुए पुनर्मतदान  की मांग की, जबकि तराजू पैनल के सदस्य मतदान जारी रखने पर अड़े रहे।  दोनों ओर से आरोप-प्रत्यारोप के बीच हंगामा बढ़ने पर चुनाव अधिकारियों ने शाम करीब 4 बजे मतदान रोक दिया। मुख्य चुनाव अधिकारी एड. भरतभूषण मेहाडिया, सहायक चुनाव अधिकारी अश्विन अग्रवाल तथा आशीष अग्रवाल ने तराजू, कलश तथा शंख पैनल के सदस्यों के साथ बैठक ली जो पांच घंट से अधिक चली। सभी पैनल की बातें सुनने के बाद चुनाव अधिकारियों ने पुनर्मतदान की घोषणा की। हालांकि उन्होंने पुनर्मतदान की तारीख की घोषणा नहीं की है।  

पोस्टरों से पट गया अग्रसेन चौक
अग्रसेन चौक तराजू पैनल, कलश पैनल के पोस्टरों से पटा हुआ था। पैनल के कार्यकर्ता मतदाताओं को मतदान के लिए मदद में जुटे हुए थे। डागा हाॅस्पिटल की ओर जाने वाले मार्ग पर दोपहिया और चौपहिया वाहनों की लंबी कतार के कारण यातायात पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा।

कलश और तराजू पैनल में आरोप-प्रत्यारोप
तराजू पैनल का आरोप है कि कलश पैनल ने अपनी हार को देखते हुए मतपेटी से छेड़खानी की। डाले गए मतों को निकाला और फाड़ दिया। सील की गई मतपेटियों के अंदर पानी व चाय डाल दी, ताकि मतपत्र खराब हो जाएं। साथ ही कलश पैनल के कहने पर बगैर तराजू पैनल की सहमति के बिना पुनर्मतदान का निर्णय निर्वाचन मंडल ने लिया है। इसे रद्दकर मतदान को पुन: शुरू किया जाए। दूसरी ओर कलश पैनल का कहना था कि उन्होंेने मतों या मत पेटियों से कोई छेड़छाड़ नहीं की है। तराजू पैनल वाले जानबूझकर उनकी जीत को देखकर मुद्दा बना रहे हैं। उन्होंने सिर्फ काउंटर स्लिप ही देखी है और उठाई है। तराजू पैनल ने रात करीब 9 बजे मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखित मंे शिकायत दी है। 
 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।