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पूजा चव्हाण आत्महत्या : राज्य में गर्माने लगी राजनीति, नेताओं के अपने - अपने बोल

पूजा चव्हाण आत्महत्या : राज्य में गर्माने लगी राजनीति, नेताओं के अपने - अपने बोल

डिजिटल डेस्क, नागपुर। पूजा चव्हाण आत्महत्या प्रकरण को लेकर राज्य की राजनीति गर्माने के आसार हैं। भाजपा ने इस मामले को लेकर महाविकास आघाड़ी सरका  पूर्व मुख्यमंत्री व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस के अलावा प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व राजस्व मंत्री बालासाहब थोरात ने प्रतिक्रियाएं दीं। फडणवीस ने कहा कि चव्हाण मामले में पुलिस पर दबाव डाला जा रहा है, वहीं थोरात ने कहा कि जांच में सच सामने आएगा। 

वन मंत्री पर गंभीर आरोप
 गौरतलब है कि मुंबई के पास परली में पूजा चव्हाण नामक युवती की आत्महत्या के प्रकरण की जांच पुलिस महासंचालक के माध्यम से कराने के आदेश दिए गए हैं। इस मामले में वन मंत्री संजय राठोड पर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने युवती को आत्महत्या के लिए प्रवृत किया। मामले को लेकर मंत्री के इस्तीफे की मांग भी की जा रही है। 

पुलिस सच बाहर नहीं लाई : फडणवीस
देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि पूजा चव्हाण मामले में पुलिस पर सरकार का दबाव है। इस मामले में सभी क्लिप्स बाहर आने से कार्रवाई होना आवश्यक है। प्रकरण में पुलिस ने गंभीरता से कार्रवाई नहीं की। क्लिप में सुनी जा रही आवाज के बारे में पुलिस को अलग से बताने की आवश्यकता नहीं है। आवाज के बारे में जानते हुए भी पुलिस ने सच बाहर नहीं लाया है। पुलिस ने जानबूझकर प्रकरण दर्ज नहीं किया है। फडणवीस ने यह भी कहा है कि पुलिस को आरोपी के विरोध में तत्काल प्रकरण दर्ज करना चाहिए। मंत्री रहते हुए जांच नहीं की जा सकती है। किसी तरह का दबाव न हो। सच बाहर आना चाहिए। इस मामले को मुख्यमंत्री ने कितनी गंभीरता से लिया, यह भी जानना आवश्यक है। सभी क्लिप्स सुनें, तो साफ होता है कि किसका जीवन बर्बाद हुआ।

जांच तो होने दें : थोरात
राजस्व मंत्री बालासाहब थोरात ने कहा है कि इस प्रकरण की जांच तो हो जाने दें। सच सामने आएगा। पूजा चव्हाण आत्महत्या प्रकरण की जानकारी प्रचार माध्यमों से मिली है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जांच की घोषणा की है। जांच से सच सामने आएगा। महाविकास आघाड़ी न तो दबाव में काम करती है, न ही कराती है। पुलिस पर कोई दबाव नहीं है। थाेरात ने कहा है कि युवती की आत्महत्या दु:खद है। ऐसे प्रकरणों का सच सामने आना ही चाहिए, लेकिन यह भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि ऐसे मामलों में किसी का चरित्र व जीवन बिना कारण खराब न हो।

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