दैनिक भास्कर हिंदी: छिंदवाड़ा में पोस्ट ऑफिस घोटाला,100 लोगों के खातों से 25 लाख रुपए गायब

March 8th, 2019

डिजिटल डेस्क,छिंदवाड़ा। मप्र के छिंदवाड़ा जिले की तहसील उमरेठ की पंचायत गाजनडोह के पोस्ट ऑफिस में लगभग 25 लाख रुपए का घोटाला सामने आया है। यहां पूर्व में पदस्थ पोस्टमास्टर ने लगभग 100 खाताधारियों के खाते से इस राशि की धांधली की है। पोस्टमास्टर के स्थानांतरण के बाद यह मामला उजागर हुआ है। मामले की जांच करने जिला मुख्यालय से पहुंचे अधिकारी मेन ओव्हरसियर हर्षित डोंगरे के सामने खाताधारियों की भीड़ लग गई। सभी लोग अपनी पासबुक लेकर रिकार्ड जांच करवाने पहुंचे और खाते से राशि गायब होने की जानकारी मिलने पर आक्रोशित हो गए।
चार साल से पदस्थ हैं पोस्ट ऑफिस में-
उप डाकघर गाजनडोह में परासिया तहसील के गांव पैजनवाड़ा निवासी मुकेश यादव 4 साल से बतौर पोस्टमास्टर पदस्थ था। एक पखवाड़ा पहले उसका स्थानांतरण न्यूटन चिखली अंतर्गत कोहका उप डाकघर में होने के बाद गाजनडोह में प्राची जैन ने पगारा से आकर प्रभार संभाला। रिकार्ड की जांच के दौरान धांधली देखकर उसने उच्चाधिकारियों से शिकायत की। इसके बाद जिला मुख्यालय से आए अधिकारियों ने रिकार्ड की जांच शुरू दी।
लगभग 20 लाख की धांधली के प्रमाण-
जांच अधिकारी के अनुसार प्रथम चरण में लगभग 20 लाख रुपए के घोटाला का प्रमाण मिले हैं। वहीं जांच पूरी होने तक यह आंकड़ा 25 लाख रुपए तक पहुंचने की संभावना है। रिकार्ड जांच के दौरान घोटाला उजागर होने की खबर फैलते ही खाताधारियों की भीड़ पोस्ट आफिस प्रांगण में जमा हो गई।
पासबुक से मेल नहीं हो रहा रिकार्ड-
गाजनडोह पोस्ट आफिस से लगभग एक दर्जन से अधिक गांव के खातेधारी जुड़े हुए हैं। खाताधारियों के पास मौजूद पासबुक में जमा राशि पेन से अंकित की गई, किन्तु ऑन लाइन में इंट्री नहीं होने से खाते में कम राशि ही जमा पाई गई। कई खाताधारियों की पासबुक भी पोस्ट मास्टर मुकेश यादव के पास होने की शिकायत सामने आई। शिकायतकर्ता मधु पवार, इमरत पवार, अजब राव, राजू पवार, दुर्गेश साहू, राजेश पवार, विनोद पवार, नरेश द्विवेदी कहते हैं कि मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और सभी खाताधारी की जमा राशि वापस दिलाए जाए।
इनका कहना है-
मेने 25 हजार रुपए की वर्ष 2015 में एफडी करवाई, जिसके 4 हजार रुपए ब्याज की राशि मिल चुकी, किन्तु मूल राशि 25 हजार रुपए अबतक नहीं मिली है। मेरा रैकरिंग एकाउंट भी पोस्ट आफिस है।- सुशीला पवार, खाताधारी   

मेरा पोस्ट आफिस में वर्ष 2015 से एक हजार रुपए मासिक रैकरिंग एकाउंट है। अबतक उसका 49 हजार रुपए जमा हो चुका, किन्तु खाते में सिर्फ 39 रुपए जमा दर्ज बताया जा रहा है।- संध्या पवार, खाताधारी   

पोस्ट आफिस में 5 साल के लिए रैकरिंग एकाउंट था, जिसकी अवधि तीन माह पहले पूरी हो चुकी है। उसे ब्याज सहित 18 हजार रुपए मिलना है, किन्तु पोस्ट मास्टर लगातार टरकाता रहा है। - रामेश्वर साहू, खाताधारी  

मैंने 40 हजार रुपए की एफडी करवाया, जो राशि पासबुक में पेन से अंकित है, वहीं परासिया पोस्ट आफिस में चैक करवाने पर खाते में सिर्फ 30 रुपए जमा दर्शाया जा रहा है।  - शकुन यादव, खाताधारी

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