दैनिक भास्कर हिंदी: नागपुर में वार्ड पद्धति से मनपा चुनाव की तैयारी

March 6th, 2021

डिजिटल डेस्क, नागपुर। राज्य में नागपुर सहित 5 महानगरपालिकाओं के लिए 2022 में चुनाव होंगे। नागपुर महानगरपालिका का चुनाव वार्ड पद्धति से कराने की घोषणा राज्य सरकार कर चुकी है। लेकिन अब तब इस बारे में अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका है। उम्मीद जताई जा रही है कि मुंबई में चल रहे विधानमंडल के बजट अधिवेशन में निर्णय लिया जा सकता है। इस मामले को लेकर महाविकास आघाड़ी के प्रमुख नेताओं के बीच अनौपचारिक चर्चा हो चुकी है। एक पदाधिकारी के अनुसार बुधवार को भी इस मामले को लेकर महत्वपूर्ण बैठक होने वाली थी, लेकिन वह टाल दी गई है। सोमवार तक इस मामले में महाविकास आघाड़ी महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है। गौरतलब है कि राज्य सत्ता की कमान संभालने के बाद महाविकास आघाड़ी सरकार का पहला शीतकालीन अधिवेशन नागपुर में हुआ था। 26 दिसंबर 2019 को नागपुर के अधिवेशन में सरकार ने मनपा चुनाव वार्ड पद्धति से कराने की तैयारी व्यक्त की थी। वार्ड पद्धति से चुनाव की तैयारी के संबंध में आवश्यक प्रक्रिया शुरू भी कर दी गई थी। लेकिन कोरोना महामारी के कारण राज्य सरकार चुनाव तैयारी के संबंध में अधिक काम नहीं कर पाई। लिहाजा वार्ड पद्धति से चुनाव कराने को लेकर विपक्ष ही नहीं, महाविकास आघाड़ी के नेताओं में भी असमंजस की स्थिति बन रही है। 

होते रहे हैं बदलाव
मनपा चुनाव पद्धति में बदलाव होते रहा है। राज्य में सत्ता संभाल रहे राजनीतिक दल अपनी सुविधा के अनुरूप निर्णय लेते रहें है। नागपुर मनपा का पहला चुनाव एक वार्ड एक सदस्य पद्धति से हुआ था। वर्ष 2002 में प्रभाग पद्धति लागू कर 3 सदस्यों का प्रभाग बनाया गया। वर्ष 2007 में इसे रद्द कर फिर एक सदस्य पद्धति लागू की गई। इसके बाद वर्ष 2012 में दो सदस्यों का प्रभाग बनाया गया। वर्ष 2017 में इससे भी आगे जाकर एक प्रभाग में 4 वार्ड जोड़कर 4 सदस्यों का निर्वाचन किया गया। अब पुन: एक वार्ड एक सदस्य चुनाव पद्धति लागू कर दी गई है।

यह भी जान लें
नागपुर में प्रभाग पद्धति में 38 प्रभाग हैं। एक प्रभाग का 4 नगरसेवक प्रतिनिधित्व करते हैं। वार्ड पद्धति में 151 वार्ड रहेंगे। नए सिरे से वार्ड का गठन किया जाएगा। शहर की जनसंख्या 30 लाख के ऊपर है। चुनाव वर्ष 2022 में होगा। 18 से 20 हजार जनसंख्या पर एक वार्ड बनेगा।

जनसंख्या के आधार पर होगा आरक्षण
शहर की जनंसख्या के आधार पर मनपा सीटों का आरक्षण तय किया जाएगा। इसमें अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी और महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित रखी जाएंगी। वर्ष 2012 के चुनाव में दो वार्ड का प्रभाग बनाया गया था। वर्ष 2017 में इसे और विस्तारित कर 4 वार्ड का प्रभाग बनाया गया। राजनीतिक बड़े दलों को इसका लाभ मिला।