दैनिक भास्कर हिंदी: नागपुर एयरपोर्ट पर लगेगा प्राइमरी सर्विलांस राडार, विकास भी होगा

October 20th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। डॉ. बाबासाहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय विमानतल नागपुर पर प्राइमरी सर्विलांस राडार सिस्टम लगाया जाएगा। इसकी नजर से विमान तो क्या, ड्रोन भी नहीं बच पाएगा। अभी तक विमानतल पर सेकेंडरी सर्विलांस राडार है, जो सिर्फ उन विमानों को पकड़ सकता है, जो अपना ट्रेसिंग सिस्टम चालू रखते हैं।

उल्लेखनीय है कि विमानतल पर ऑटोमेटिक डिपेंडेंट सर्विलांस ब्रॉडकाॅस्ट पहले से ही है। उसके बाद सेकेंडरी सर्विलांस राडार लगाया गया। यह तभी काम करता है, जब विमान 4 अंक का ट्रांसपॉन्डर नंबर अपने ट्रेसिंग सिस्टम में दर्ज करे। यदि वह कोई भी नंबर नहीं रखता है, तो उसे ट्रेस नहीं किया जा सकता है। प्राइमरी सर्विलांस राडार से ऐसे विमानों को भी देखा जा सकता है, जिन्होंने अपना ट्रेसिंग सिस्टम बंद कर रखा है। यदि ड्रोन भी उड़ान भर रहा है, तो वह पकड़ा जाएगा।

इसलिए चुनी नई जगह
पिछले दिनों विमानतल पर एक टीम ने निरीक्षण किया और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के भवन के पास सेकेंडरी सर्विलांस राडार के लिए जगह को चिह्नित किया, क्योंकि यहां आस-पास कोई बिल्डिंग नहीं है। पुरानी राडार बिल्डिंग पर लगाने से ऑपरेशन में तकनीकी समस्याएं आतीं हैं और भवन को नया डिजाइन देना पड़ता, जो परेशानी का सबब बन सकता था।

एयरपोर्ट का विकास करने कैबिनेट में होगा निर्णय
उल्लेखनीय है कि  महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी (एमएडीसी) एवं एयरपोर्ट अथॉरिटी के संयुक्त तत्वावधान में मिहान इंडिया लिमिटेड (एमआईएल) ने मार्च 2018 में नागपुर हवाई अड्डे का निजीकरण करने के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) प्रक्रिया शुरू की थी। इसमें विमानतल परियोजना में आधुनिकीकरण, संचालन, विमानतल का 30 साल तक रख-रखाव, एक नए टर्मिनल के निर्माण के साथ ही अन्य कार्य शामिल थे। प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसमें दो बोलीदाता पात्र हुए। इसमें जीएमआर व जीवीके कंपनी ने अपनी बोलियां जमा करवाईं थीं। इसमें जीएमआर एयरपोर्ट लिमिटेड की सबसे अधिक बोली दर्ज की गई। यह प्रक्रिया सरकार को सुपुर्द करने के बाद  कंपनी के सारे दस्तोवजों की जांच होगी और कैबिनट से इसे मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू होगा।