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दैनिक भास्कर हिंदी: PM Modi Virtual Rally: पेट्रोलियम परियोजना के कार्यक्रम में बोले पीएम मोदी- बिहार LPG कनेक्शन आम बात

September 13th, 2020

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार में चुनावी दांव चलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बिहार में पेट्रोलियम क्षेत्र की तीन प्रमुख परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इसमें पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर पाइपलाइन का बांका तक विस्तार, बांका में एलपीजी बॉटलिंग प्लांट और चंपारण में एलपीजी प्लांट का लोकार्पण किया। 

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने सबसे पहले बिहार के दिग्गज नेता रघुवंश प्रसाद सिंह को नमन किया। उन्होंने कहा, पहले मुझे एक दु:खद खबर आपके साथ शेयर करना है। बिहार के दिग्गज नेता श्रीमान रघुवंश प्रसाद सिंह हमारे बीच नहीं रहे हैं. मैं उनको नमन करता हूं। रघुवंश बाबू के जाने से बिहार और देश की राजनीति में शून्य पैदा हुआ है। रघुवंश जी जिन आदर्श को लेकर चले थे, जिनके साथ चले थे, उनके साथ चलना उनके लिए संभव नहीं रहा था। 

पीएम मोदी ने कहा, कुछ वर्ष पहले जब बिहार के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की गई थी, तो उसमें बहुत फोकस राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर पर था। मुझे खुशी है कि इसी से जुड़े एक महत्त्वपूर्ण गैस पाइप लाइन प्रोजेक्ट के दुर्गापुर- बांका सेक्शन का लोकार्पण करने का अवसर मुझे मिला है। इस सेक्शन की लंबाई करीब 200 किमी है। मुझे बताया गया है कि इस रूट पर पाइप लाइन बिछाकर काम करना बहुत चुनौतीपूर्ण था। बिहार के लिए जो प्रधानमंत्री पैकेज दिया गया था, उसमें पेट्रोलियम और गैस से जुड़े 10 बड़े प्रोजेक्ट थे। इन प्रोजेक्ट्स पर करीब-करीब 21 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाने थे।

पीएम मोदी ने कहा, आज ये सातवां प्रोजेक्ट है जिसमें काम पूरा हो चुका है, जिसे बिहार के लोगों को समर्पित किया जा चुका है। इससे पहले पटना LPG प्लांट के विस्तार और Storage Capacity बढ़ाने का काम हो,पूर्णिया के LGP प्लांट का विस्तार हो, मुजफ्फरपुर में नया LGP प्लांट हो, ये सारे प्रोजेक्ट पहले ही पूरे किए जा चुके हैं। जगदीशपुर-हल्दिया पाइपलाइन प्रोजेक्ट का जो हिस्सा बिहार से गुजरता है, उस पर भी काम पिछले साल मार्च में ही समाप्त कर लिया गया है। मोतीहारी अमलेखगंज पाइपलाइन पर भी पाइपलनाइन से जुड़ा काम पूरा कर लिया गया है।

पीएम मोदी ने कहा, बिहार सहित पूर्वी भारत में ना तो सामर्थ्य की कमी है और ना ही प्रकृति ने यहां संसाधनों की कमी रखी है। बावजूद इसके बिहार और पूर्वी भारत विकास के मामले में दशकों तक पीछे ही रहा। इसकी बहुत सारी वजहें राजनीतिक थी, आर्थिक थीं, प्राथमिकताओं की थीं। गैस बेस्ड इंडस्ट्री और पेट्रो-कनेक्टिविटी, ये सुनने में बड़े टेक्नीकल से लगते हैं, लेकिन इनका सीधा असर लोगों के जीवन पर पड़ता है, जीवन स्तर पर पड़ता है।

पीएम मोदी ने कहा, गैस बेस्ड इंडस्ट्री और पेट्रो-कनेक्टिविटी रोजगार के भी लाखों नए अवसर बनाती है। एक समय था जब रेल, रोड, इंटरनेट कनेक्टिविटी ये सब प्राथमिकताओं में थे ही नहीं। गैस बेस्ड इंडस्ट्री और पेट्रो-कनेक्टिविटी, ये सुनने में बड़े टेक्नीकल से टर्म लगते हैं लेकिन इनका सीधा असर लोगों के जीवन पर पड़ता है, जीवन स्तर पर पड़ता है। आज जब देश के अनेकों शहरों में CNG पहुंच रही है, PNG पहुंच रही है, तो बिहार के लोगों को पूर्वी भारत के लोगों को भी ये सुविधाएं उतनी ही आसानी से मिलनी चाहिए। इसी संकल्प के साथ हम आगे बढ़े। 

पीएम मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा योजना के तहत पूर्वी भारत को पूर्वी समुद्री तट के पारादीप और पश्चिमी समुद्री तट के कांडला से जोड़ने का भागीरथ प्रयास शुरु हुआ। करीब 3 हजार किलोमीटर लंबी इस पाइपलाइन से सात राज्यों को जोड़ा जा रहा है जिसमें बिहार का भी प्रमुख स्थान है। उज्जवला योजना की वजह से आज देश के 8 करोड़ गरीब परिवारों के पास भी गैस कनेक्शन मौजूद है। इस योजना से गरीब के जीवन में क्या परिवर्तन आया है, ये कोरोना के दौरान हम सभी ने फिर महसूस किया है। गैस कनेक्टिविटी से जहां एक तरफ फर्टिलाइजर, पावर और स्टील इंडस्ट्री की ऊर्जा बढ़ेगी वहीं दूसरी तरफ CNG आधारित स्वच्छ यातायात और पाइप से सस्ती गैस आसानी से लोगों के किचन तक पहुंचेगी। इसी कड़ी में आज बिहार और झारखंड के अनेक जिलों में पाइप से सस्ती गैस देने की शुरुआत हुई है। 

पीएम मोदी ने कहा, एक समय था जब बिहार में एलपीजी गैस कनेक्शन होना बड़े संपन्न लोगों की निशानी होता था। एक-एक गैस कनेक्शन के लिए लोगों को सिफारिशें लगवानी पड़ती थीं। जिसके घर गैस होती थी, वो माना जाता था कि बहुत बड़े घर-परिवार से है। जो समाज में हाशिए पर थे, पीड़ित थे, वंचित थे, पिछड़े थे, अतिपिछड़े थे, उन्हें कोई पूछता नहीं था। उनके दु:ख, उनकी तकलीफों को देखकर भी नजरअंदाज कर दिया जाता था, लेकिन बिहार में अब ये अवधारणा बदल चुकी है। जब मैं कहता हूं कि बिहार देश की प्रतिभा का पावरहाउस है, ऊर्जा केंद्र है तो ये कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। बिहार के युवाओं की यहां की प्रतिभा का प्रभाव चारो तरफ है।

पीएम मोदी ने कहा, भारत सरकार में भी बिहार के कितने बेटे-बेटियां हैं जो देश की सेवा कर रहे हैं। बिहार की कला, यहां का संगीत, यहां का स्वादिष्ट खाना, इसकी तारीफ तो पूरे देश में होती ही है।आप किसी दूसरे राज्य में भी चले जाइए, बिहार की ताकत, बिहार के श्रम की छाप आपको हर राज्य के विकास में दिखेगी। बिहार का सहयोग सबके साथ है। यही तो बिहार है, यही तो बिहार की अद्भुत क्षमता है। इसलिए, ये हमारा भी कर्तव्य है, और मैं तो कहूंगा कि कहीं न कहीं हमारे ऊपर बिहार का कर्ज है, कि हम बिहार की सेवा करें। बिहार के कुछ लोग कभी ये कहते थे कि बिहार के नौजवानों पढ़-लिख कर क्या करोगे, उन्हें तो खेत में ही काम करना है। ऐसी सोच ने बिहार की प्रतिभाशाली युवाओं के साथ बहुत अन्याय किया है।इसी सोच की वजह से बिहार में बड़े शिक्षण संस्थाओं को खोलने के लिए ज्यादा काम ही नहीं किया गया था। नतीजा ये हुआ कि बिहार के नौजवान बाहर जाकर पढ़ाई और नौकरी करने के लिए मजबूर हो गए।

पीएम मोदी ने कहा, आज बिहार में शिक्षा के बड़े-बड़े केंद्र खुल रहे हैं।अब एग्रीकल्चर कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेजों, IIT, IIM, ट्रिपल IT, बिहार के नौजवानों के सपनों को ऊंची उड़ान देने में मदद कर रहे हैं। बिहार में बिजली की क्या स्थिति थी, ये भी जगजाहिर है।गांवों में दो-तीन घंटे बिजली आ गई तो भी बहुत माना जाता था। शहर में रहने वाले लोगों को भी 8-10 घंटे से ज्यादा बिजली नहीं मिलती थी।आज बिहार के गांवों में, शहरों में बिजली की उपलब्धता पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा हुई है। कोरोना के इस कालखंड में अब एक बार फिर पेट्रोलियम से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्यों ने गति पकड़ ली है।इतनी बड़ी वैश्विक महामारी देश के प्रत्येक व्यक्ति के लिए अनेकों परेशानियां लेकर आई है। लेकिन इन परेशानियों के बाद भी देश रुका नहीं है, बिहार रुका नहीं है, बिहार थमा नहीं है।

पीएम मोदी ने कहा, कोरोना संक्रमण अभी भी हमारे बीच में मौजूद है। 'जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं। दो गज की दूरी। साबुन से हाथ की नियमित सफाई।यहां-वहां थूकने से मनाही।चेहरे पर मास्क। इन जरूरी बातों का हमें खुद भी पालन करना है और दूसरों को भी याद दिलाते रहना है। देश और बिहार में गैस आधारित व्यवस्था के लिए बड़े पैमाने पर काम चल रहा है। इतना ही नहीं इन प्रोजेक्ट्स में जितने लोग पहले काम कर रहे हैं, वो तो वापस लौटे ही हैं, इनकी वजह से रोजगार के नए अवसरों की संभावनाएं भी बढ़ी हैं। 

 

 

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