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सरेआम क्राइम, हत्या का प्रयास, आरोपी फरार

सरेआम क्राइम, हत्या का प्रयास, आरोपी फरार

डिजिटल डेस्क, नागपुर। कोतवाली और गिट्टीखदान क्षेत्र में दो लोगों की हत्या का प्रयास किया गया। दोनों प्रकरणों में पुलिस ने मामला दर्ज किया है। फरार आरोपियों की तलाश पुलिस कर रही है।

कोतवाली की घटना, पेट में घोंपा चाकू
पुलिस सूत्रों के अनुसार सोमवार को भूतिया दरवाजा, साने गुरुजी शाला के समीप रहने वाले अमोल दत्ताराम सेवते (42) की घर में घुसकर, पेट में चाकू घोंपकर हत्या का प्रयास किया गया। आरोपियों में देवेंद्र सूर्यवंशी, बिट्या सूर्यवंशी, सौरव सूर्यवंशी, ललित ठाकुर, इरफान व अन्य 7-8 शामिल हैं। इस दौरान आरोपियों ने पीड़ित के घर पर पथराव कर घर के आस-पास खड़े वाहनों के कांच भी फोड़ दिए। मामला बस्ती की लड़की को भगाने में मदद करने का है। घायल अमोल को सक्करदरा में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

गिट्टीखदान में रॉड से हमला
दूसरी घटना गिट्टीखदान क्षेत्र में हुई। प्लॉट नं.-टी/3, अनंत नगर चौक अमन पैलेस निवासी अ. मजीद अ. रहीम (58) घटना के दिन शाम को बारिश के कारण अपार्टमेंट के नीचे पार्किंग में खड़ा था। अपार्टमेंट में रहने वाला आरोपी रियाज खान फिरोज खान (27) अकारण अब्दुल मजीद से गाली-गलौज करने लगा। कारण पूछने पर उसने अ. मजीद खान की पिटाई शुरू कर दी। अ. मजीद घर जाने लगा तो रियाज खान ने पीछे से उनके सिर पर लोहे की सलाख से हमला कर दिया। अब्दुल मजीद को रामदासपेठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

भिखारी ने शराब के लिए साथी का सिर फोड़ा
 पंचशील चौक में मंगलवार को दिनदहाड़े भीख मांगने वाले एक व्यक्ति ने शराब को  लेकर अपने साथी का पत्थर से सिर फोड़कर हत्या करने का प्रयास िकया। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया। धंतोली थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है। जख्मी आत्माराम यादव (40), पंचशील चौक के पास फुटपाथ पर रहता है और वह भी भीख मांगता है। दोपहर करीब 3 से 4 बजे के दौरान अपने एक साथी से आत्माराम का शराब पीने-पिलाने को लेकर विवाद हुआ और तैश में आकर साथी ने आत्माराम का पत्थर से सिर फोड़कर उसे मौत के घाट उतारने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही धंतोली थाने की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी भाग निकला। आत्माराम को गंभीर हालत में मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।