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पंजाब: कृषि विधेयकों के विरोध में 'रेल रोको आंदोलन', अमृतसर में रेलवे ट्रैक पर बैठे किसान, ट्रेनों का परिचालन रद्द

September 24th, 2020 17:29 IST
पंजाब: कृषि विधेयकों के विरोध में 'रेल रोको आंदोलन', अमृतसर में रेलवे ट्रैक पर बैठे किसान, ट्रेनों का परिचालन रद्द

डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। संसद के दोनों सदनों से पारित हुए तीनों कृषि विधेयकों के विरोध में पंजाब में किसानों ने गुरुवार से तीन दिवसीय 'रेल रोको आंदोलन' शुरू किया है। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने अमृतसर में रेलवे ट्रैक पर बैठकर रेल रोको आंदोलन की शुरुआत की। आज से 26 तारीख तक किसानों का रेल रोको आंदोलन चलेगा। पटरियों पर किसानों के धरने को देखते हुए कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।

रेलवे के एक अधिकारी ने बताया, यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर फिरोजपुर रेलवे डिवीजन ने 26 सितंबर तक विशेष ट्रेनों का परिचालन रद्द करने का फैसला किया है। इस फैसले के तहत जिन ट्रेनों को निलंबित किया गया है उनमें स्वर्ण मंदिर मेल (अमृतसर-मुंबई सेंट्रल), जन शताब्दी एक्सप्रेस (हरिद्वार-अमृतसर), नई दिल्ली-जम्मू तवी, सचखंड एक्सप्रेस (नांदेड़-अमृतसर) और शहीद एक्सप्रेस (अमृतसर-जयनगर) शामिल हैं।

बता दें कि भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता बरनाला और संगरूर कस्बों में रेल पटरियों पर धरना दे रहे हैं। अब तक के इतिहास में पहली बार पार्टी लाइन से हटकर एकजुटता दिखाते हुए पंजाब के 31 किसान संगठनों ने शुक्रवार को संयुक्त राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की। संगठनों ने पूर्ण पंजाब बंद का भी आह्वान किया है। उन्होंने 25 सितंबर के बाद विरोध प्रदर्शन जारी रखने की रणनीति भी बनाई है।

मॉनूसन सत्र के 7वें दिन कृषि से जुड़े 3 विधेयक पास हुए। ये बिल लोकसभा से पहले ही पारित हो चुके हैं।

1. कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) बिल - इसका उद्देश्य एपीएमसी मंडियों के बाहर भी कृषि से जुड़े उत्पाद बेचने और खरीदने की व्यवस्था तैयार करना है। यानी मोदी सरकार ने वो व्यवस्था खत्म कर दी है, जिसमें किसान अपनी उपज APMC मंडियों में लाइसेंसधारी खरीदारों को ही बेच सकते थे।

2. मूल्य आश्वासन और कृषि सेवाओं पर किसान (संरक्षण एवं सशक्तिकरण बिल) - ये बिल कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग को कानूनी वैधता प्रदान करता है, ताकि बड़े बिजनेस वाले और कंपनियां कॉन्ट्रैक्ट पर जमीन लेकर खेती कर सकें।

3. आवश्यक वस्तु संशोधन बिल- इस बिल के जरिए खाद्य पदार्थों की जमाखोरी पर लगा प्रतिबंध हटा दिया गया है। यानी व्यापारी कितना भी अनाज, दालें, तिलहन, खाद्य तेल वगैरह जमा कर सकते हैं।

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