दैनिक भास्कर हिंदी: केन्द्र सरकार के राहत पैकेज पर बोले कांग्रेस नेता राहुल गांधी- ये पैकेज नहीं बल्कि एक और धोखा है

June 29th, 2021

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 6 लाख 28 हजार 993 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा के एक दिन बाद, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह एक पैकेज नहीं है, बल्कि एक और धोखा है। राहुल गांधी ने एक ट्वीट में कहा, कोई भी परिवार वित्त मंत्री के आर्थिक पैकेज को रहने, खाने, मेडिकल बिल, स्कूल फीस पर खर्च नहीं कर सकता। पैकेज नहीं, सिर्फ एक और धोखा है।

बता दें कि कोरोनावायरस संक्रमण को लेकर केन्द्र की मोदी सरकार ने कोविड सेक्टर्स के लिए राहत भरा ऐलान किया था। सोमवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया था कि केन्द्र ने कोविड से प्रभावित सेक्टर के लिए 1.1 लाख करोड़ रुपए की लोन गारंटी स्कीम दी है। इसके अलावा हेल्थ सेक्टर के लिए 50 हजार करोड़ रुपए और अन्य सेक्टर्स के लिए 60 हजार करोड़ रुपए दिए हैं। हेल्थ सेक्टर के लिए लोन पर 7.95% सालाना से अधिक ब्याज नहीं होगी। साथ ही अन्य सेक्टर्स के लिए ब्याज 8.25% से ज्यादा नहीं होगी।

वहीं, वित्त मंत्री ने छोटे उद्योगों को सहारा देने के लिए इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) के लिए फंडिंग में इजाफा करने का ऐलान किया था। ECLGS में 1.5 लाख करोड़ रुपए अतिरिक्त दिए जाएंगे। ECLGS 1.0, 2.0, 3.0 में अब तक 2.69 लाख करोड़ रुपए का वितरण हुआ है। सबसे पहले इस स्कीम में 3 लाख करोड़ रुपए की घोषणा की गई थी। अब इस स्कीम का कुल दायरा 4.5 लाख करोड़ रुपए हो गया है। अब तक शामिल किए गए सभी सेक्टर्स को इसका लाभ मिलेगा।

केन्द्र सरकार ने क्रेडिट गारंटी स्कीम के तहत छोटे कारोबारी-इंडिविजुअल NBFC, माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूट से 1.25 लाख तक का लोन ले सकेंगे। इस पर बैंक के MCLR पर अधिकतम 2% जोड़कर ब्याज लिया जा सकेगा। इस लोन की अवधि 3 साल होगी और सरकार गारंटी देगी। इसका मुख्य मकसद नए लोन को वितरण करना है। 89 दिन के डिफॉल्टर समेत सभी प्रकार के बॉरोअर इसके लिए योग्य होंगे। इस स्कीम का लाभ करीब 25 लाख लोगों को मिलेगा। करीब 7500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया जाएगा। 31 मार्च 2022 तक इसका लाभ मिलेगा।

केन्द्र सरकार ने आत्मनिर्भर रोजगार योजना की समय-सीमा को बढ़ा दिया है। यह योजना पिछले साल अक्टूबर में लॉन्च की गई थी। अब इस स्कीम को बढ़ाकर 31 मार्च 2022 तक किया जा रहा है। इस स्कीम के तहत अब तक करीब 21.42 लाख लाभार्थियों के लिए 902 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। इस स्कीम के तहत सरकार 15 हजार से कम वेतन वाले कर्मचारियों और कंपनियों के पीएफ का भुगतान करती है। सरकार ने इस स्कीम में 22,810 करोड़ रुपए खर्च करने का लक्ष्य रखा है जिससे करीब 58.50 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। सरकार कर्मचारी-कंपनी का 12%-12% पीएफ का भुगतान करती है।

 

 

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