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कांग्रेस का 'राज' स्थान: क्या टल गया संकट ? विधायकों के साथ बस से रवाना हुए गहलोत, पायलट से 5 नेताओं ने की बातचीत


डिजिटल डेस्क, जयपुर। राजस्थान में कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार पर छाए बादल छंटते नजर आ रहे हैं। उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की बगावत के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज (सोमवार) सीएम आवास पर विधायकों के साथ बैठक की है। गहलोत ने मीडिया के सामने सभी विधायकों की परेड भी कराई। बैठक खत्म होने के बाद सभी विधायक रवाना हो गए है। इस खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए लगातार पेज रीफ्रेश करते रहें...

गहलोत खेमे ने दावा किया है कि उनके पास 109 विधायक हैं। यानी बहुमत के आंकड़े 101 से ज्यादा विधायक उनके पास हैं। हालांकि, सचिन पायलट का कहना है कि उनके पास 25-30 विधायक हैं, लेकिन फिलहाल अशोक गहलोत की सरकार बचती नजर आ रही है। सचिन पायलट समेत 18 विधायक मीटिंग में शामिल नहीं हुए। पायलट ने साफ कह दिया है कि बैठक में शामिल नहीं होंगे। बता दें कि रविवार देर रात पार्टी ने व्हिप जारी किया था। इसके मुताबिक, यदि कोई विधायक बिना गैरहाजिर रहता है उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राहुल-प्रियंका समेत पांच बड़े नेताओं ने की सचिन पायलट से बात
राजस्थान में आए इस सियासी संकट को देखते हुए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी इस संकट को खत्म करने के लिए मार्चो संभाल लिया है।प्रियंका के अलावा राहुल गांधी समेत कुल 5 बड़े नेताओं ने पायलट से बात कर उन्हें समझाने की कोशिश की है। पायलट से 5 बड़े नेताओं ने बात की है, इनमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल, अहमद पटेल और पी. चिदंबरम शामिल हैं। सभी ने अब सचिन पायलट को जयपुर जाने को कहा है, ताकि स्थानीय लेवल पर आगे की बातचीत हो सके। बाकी अब सचिन पायलट पर छोड़ दिया गया है कि वो बात करना चाहते हैं या नहीं। 

सूत्रों की माने तो विधायक दल की इस बैठक में जो विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए, उनमें राकेश पारीक, मुरारी लाल मीणा, जीआर खटाना, इंद्राज गुर्जर, गजेंद्र सिंह शक्तावत, हरीश मीणा, दीपेंद्र सिंह शेखावत, भंवर लाल शर्मा, इंदिरा मीणा, विजेंद्र ओला, हेमाराम चौधरी, पीआर मीणा, रमेश मीणा, विश्वेंद्र सिंह, रामनिवास गावड़िया, मुकेश भाकर और सुरेश मोदी का नाम शामिल है।

राजस्थान अपडेट

01.17 PM: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया को अपने आवास में बुलाया है, जहां पर विधायकों की संख्या का शक्ति प्रदर्शन किया जा रहा है।

01.05 PM: अशोक गहलोत की ओर से लगातार 100 से अधिक विधायकों के समर्थन की बात कही जा रही थी। इस दौरान अशोक गहलोत ने मीडिया के सामने विक्ट्री साइन दिखाया।

12.01 PM: राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने दावा किया है कि 25 विधायक उनके साथ हैं। सचिन पायलट ने साफ कहा कि वो जयपुर में बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे। दूसरी ओर गहलोत गुट का दावा है कि उनके पास 102 विधायक हैं।

11.14: राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने दावा किया है कि 25 विधायक उनके साथ हैं। सचिन पायलट ने साफ कहा कि वो जयपुर में बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे।

10.40 AM: सचिन पायलट के समर्थक माने जाने वाले चार विधायक भी शामिल हैं। करीब दस निर्दलीय विधायक भी बैठक में पहुंच गए हैं।

10.35 AM: अब से कुछ देर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक होनी है। करीब 90 विधायक बैठक में पहुंच गए हैं। 

10.00 AM: कांग्रेस विधायक महेंद्र चौधरी का कहना है कि भाजपा राज्य में सरकार नहीं गिरा पाएगी, सभी विधायक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ हैं। कोई भी नाराज नहीं है।

9: 50 AM: अब से कुछ देर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक शुरू होनी है। बैठक के लिए विधायकों का आना शुरू हो गया है।

09.40 AM: सचिन पायलट गुट का दावा है कि व्हिप जारी होने पर जरूरी नहीं है कि पार्टी बैठक में शामिल होना है। 

09.34 AM: कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल आज जयपुर पहुंचेंगे। वो कांग्रेस पार्टी की बैठक में हिस्सा लेंगे। बता दें कि इससे पहले ही तीन दिल्ली के नेता जयपुर में मौजूद हैं, जो हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

09.14 AM: राजस्थान सरकार में मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि मुख्यमंत्री कह चुके हैं कि बीजेपी जो षडयंत्र कर रही है उसका जवाब देना अशोक गहलोत को आता है, वो इसको मध्य प्रदेश, गोवा, कर्नाटक नहीं समझे। 

9.05 AM: राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सर्तक है और बीजेपी के हर कुचक्र का मुकाबला करने में सक्षम है और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में पूरी पार्टी एकजुट है, कहीं कोई मन भेद नहीं है।

राजस्थान विधानसभा की मौजूदा स्थिति
कुल सीटें:- 200

 

राजनीतिक दल विधायकों की संख्या
कांग्रेस 107
भाजपा72
निर्दलीय13
आरएलपी3
बीटीपी2
लेफ्ट2
आरएलडी 1

राजस्थान में कांग्रेस के पास 107 विधायकों का समर्थन है। 13 निर्दलीय और एक राष्ट्रीय लोकदल के विधायक का भी समर्थन है। गहलोत सरकार के पास कुल 121 विधायकों का समर्थन है। भाजपा के पास 72 विधायक हैं। सत्ता में वापसी के लिए भाजपा को बहुमत जुटाने के लिए 29 विधायक चाहिए। 


 

ऐसा बदल सकता है सत्ता का समीकरण 
 

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