दैनिक भास्कर हिंदी: सरकारी राशन दुकानों पर नहीं मिल रहा राशनः फडणवीस

April 8th, 2020

डिजिटल डेस्क, मुंबई।  प्रदेश में सरकारी राशन दुकानों पर राशन कार्ड धारकों को अनाज नहीं मिलने के मुद्दे पर भाजपा अब आक्रामक होती नजर आ रही है। इसको लेकर बुधवार को भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी से मुलाकात की। राज्यपाल से मिलने के बाद विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से राज्य के राशनकार्डधारकों के लिए दिया गया अनाज कई लोगों को नहीं मिल रहा है।  फडणवीस ने कहा कि कई लोगों को राशन कार्ड होने के बावजूद राशन दुकानों पर अनाज नहीं मिल पा रहा है। राज्य में जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं ऐसे लोगों के लिए राज्य सरकार की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इस कारण बगैर राशन कार्ड वालों के सामने भूखों मरने की नौबत आ गई है। इसलिए ऐसे सभी लोगों को राशन उपलब्ध कराने की मांग राज्यपाल से की गई है।

पीपीई किट नहीं खरीद पा रही सरकार 
फडणवीस ने कहा कि बाजार में प्रमाणित व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) उपलब्ध होने के बावजूद सरकार उसको खरीद नहीं पा रही है। कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्य सेविकाओं को पीपीई किट नहीं मिल पा रहा है। फडणवीस ने कहा कि मुंबई में कोरोना वायरस के मरीजों की बढ़ती संख्या खतरे की घंटी है। ऐसे में डॉक्टरों को पीपीई किट नहीं मिल पाने से उनके मन में दुविधा है। विपक्ष के नेता ने सरकारी स्वास्थ्य कर्मियों का एक साथ पूरा वेतन देने की मांग भी की है।

वोटों की राजनीति में अटके हैं गृहमंत्री
फडणवीस ने कहा कि प्रदेश के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मरकज के मुद्दे पर पत्र लिखकर राजनीति करने की कोशिश की है। देशमुख ने पूछा है कि दिल्ली में मरकज को अनुमति कैसे मिली है और आयोजन कैसे हुआ। लेकिन उसका जवाब पहले दिया जा चुका है। फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में महत्वपूर्ण यह है कि दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज से आए तब्लीगी जमात के लोग क्यों नहीं पकड़े जा रहे हैं। इनको पकड़ने में सरकार और पुलिस असफल है। सरकार और गृहमंत्री वोट बैंक की राजनीति में अटके हुए हैं। इसके चलते लोगों का ध्यान भटकाने के लिए गृहमंत्री ने राजनीतिक पत्र लिखा है। फडणवीस ने कहा कि देशमुख कह रहे हैं कि मरकज के 50 लोगों ने मोबाइल बंद रखा है। इसलिए वह पकड़े नहीं जा रहे हैं। मुझे लगता है कि इससे शर्मनाक बात दूसरी नहीं हो सकती। महाराष्ट्र में मरकज से आए कुल कितने लोग हैं। इसका आंकडा भी सरकार पता नहीं लगा पा रही है। मेरा गृहमंत्री से निवेदन है कि मरकज के जो लोग महाराष्ट्र में घुम रहे हैं ऐसे सभी लोगों को पकड़कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही उनके इलाज और कोरेंटाइन की व्यवस्था की जाए।

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