दैनिक भास्कर हिंदी: पैदल यात्रियों के लिए ‘रेड’ सिग्नल, 30 सेकंड और रुकना होगा वाहन चालकों को

November 9th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। यातायात सिग्नल शुरू होते ही वाहन चालकों के तेजी से निकलने की आदत से पैदल चलने वालों को परेशानी होती है। इस समस्या को मद्देनजर रखते हुए यातायात पुलिस विभाग ने पैदल चलनेवालों के लिए भी समय निर्धारित कर दिया है।  अब 30 सेकंड के लिए सड़क के चौराहों पर लगे यातायात सिग्नल ‘रेड’ हो जाएंगे और फिर पैदल चलने वाले आसानी से चौराहों पर सड़क पार कर सकेंगे। शहर के कुछ चौराहों पर यह अभिनव प्रयोग शुरू किया गया है। सबसे पहले यह प्रयोग वेरायटी चौक पर शुरू किया गया। यह जानकारी  सिविल लाइंस स्थित यातायात पुलिस विभाग के उपायुक्त कार्यालय में पुलिस उपायुक्त राज तिलक रोशन ने प्रेस कांफ्रेंस में दी। उन्होंने कहा कि शहर में यातायात व्यवस्था में सुधार लाने व छोटे सड़क हादसों की रोकथाम के लिए यह प्रयोग किया जा रहा है। वेरायटी चौक पर इस प्रयोग को शुरू किया जा चुका है। इसके बाद  झांसी रानी चौक में यह प्रयोग किया जाएगा। इसके साथ ही चौराहों के सिग्नल 129 सेकंड कर दिए जाएंगे।

लाउड स्पीकर से दी जाएगी सूचना
रेड सिग्नल रहने पर यातायात सिग्नल के खंभों पर लगे लाउड स्पीकर से वाहन चालकों को हिंदी और मराठी में सूचना दी जाती रहेगी। पैदल चलने वालों को रेड सिग्नल होने तक सड़क के किनारे खड़े रहने की सूचना  मेगा फोन्स द्वारा  यातायात पुलिस देती रहेगी। गुरुवार से यह अभिनव प्रयोग शुरू हो चुका है। नागरिकों से सहयोग की अपील पुलिस उपायुक्‍त रोशन ने किया है। 

रिश्वतखोरों की खैर नहीं होगी
इंदोरा आैर हिंगना रोड  परिसर में बडे प्रमाण में ऑटो व निजी वाहनों से अवैध सवारी ढोने का कार्य हो रहा है। इस क्षेत्र में कार्यरत पुलिस कर्मचारियों द्वारा उनसे वसूली करने से उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है। यह प्रश्न पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यातायात पुलिस विभाग में रिश्वतखोरों के लिए  कोई जगह नहीं है।  पुलिस कर्मियों के बारे में शिकायत मिलने पर अवश्य कार्रवाई की जाएगी। अभी तक 10 कर्मचारी मुख्यालय में भेजे जा चुके हैं। कुछ कर्मचारियों की गुप्त जांच चल रही है। 

मोबाइल के डीजी लॉकर में रखें दस्तावेज दिखाएं
उपायुक्त रोशन ने कहा कि वाहन चालकों को अब वाहनों के दस्तावेज साथ में रखने की जरूरत नहीं है। वह अपने मोबाइल पर डीजी लॉकर नामक ऍप डाउनलोड कर उसमें वाहन के दस्तावेजों और लाइसेंस को पुलिस को दिखा सकते हैं। दस्तावेजों की जांच के लिए यातायात पुलिस को कोई एटीसी (असिटेंट ट्राफिक कंट्रोलर) या पुलिस मित्रों को साथ में रखते हैं। रिश्वत लेने के लिए पुलिस मित्रों का उपयोग किए जाने के आरोप यातायात पुलिस पर लग रहे हैं। ऐसे पुलिस कर्मियों के फोटो भेजने का आह्वान पुलिस उपायुक्त रोशन ने किया है। 

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