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 लॉकडाउन में रिश्तों का तनाव खुलकर सामने आया

 लॉकडाउन में रिश्तों का तनाव खुलकर सामने आया

डिजिटल डेस्क, नागपुर। आज तुमने सब्जी में नमक ज्यादा डाल दिया, इतना ज्यादा खाना क्यों बनाती हो, तुम घर में मम्मी-पापा के सामने छोटी-टीशर्ट क्यों पहनती हो। इसके साथ ही कई छोटी-छोटी बातों के कारण रिश्तों में तनाव तालाबंदी के दौरान खुलकर सामने आया। कुछ मामलों में  पति के किसी दूसरी महिला से संबंध के मामले सामने आने  से घरेलू कलह बढ़ गया। नतीजन लोगों को भरोसा सेल का सहारा लेना। तालाबंदी में जब सभी को एक ही छत के नीचे रहना पड़ा, साथ-साथ ज्यादा वक्त बिताना पड़ा, तो घरेलू कलह बड़े पैमाने पर सामने आए। इससे मानसिक तनाव के साथ ही सामाजिक रिश्तों पर भी असर पड़ा है। घरेलू हिंसा और तलाक के मामलो में भी इजाफा हुआ है। तालाबंदी के दौरान भरोसा सेल में 133 प्रकरण दर्ज हुए हैं। इनमें से 27 मामले एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर के हैं, जिनमें पुरुषों के 22 और महिलाओं के 5 मामले हैं। इसके साथ ही सास-बहू और पति-पत्नी के झगड़े, पड़ोसियों के साथ मामूली बातों पर विवाद होने के मामले भी हैं।

7 साल बाद पता चला कि पति का किसी से संबंध  
तालाबंदी के दौरान अनिता (बदला हुआ नाम) ने अपने पति के खिलाफ भरोसा सेल में मामला दर्ज करवाया, जिसमें उसने बताया कि पति का पिछले 7 वर्ष से किसी दूसरी महिला से संबंध है। जबसे तालाबंदी हुई, तो अनिता का पति परेशान रहने लगा। अनिता को पति पर शक हुआ, तो उसने पति का फोन चेक किया। फोन में दूसरी महिला के साथ बातचीत की रिकॉर्डिंग थी। अनिता ने रिकॉर्डिंग सुन ली। जब उसने पति से इस बारे में पूछा, तो पति ने इस बात को स्वीकार कर लिया। जब भरोसा सेल मे यह मामला गया, तो दूसरी महिला को भी बुलाया गया, जिसमें पता चला कि उसको इस बात की जानकारी थी कि वह पहले से शादीशुदा है। 

मां से नफरत करती थी बेटी
तालाबंदी के दौरान भरोसा सेल में एक और मामला आया, जिसमें एक शुक्ला परिवार (बदला हुआ नाम) के चार सदस्य थे। परिवार में मां अपनी बेटी को लेकर परेशान थी। महिला का पति पुणे में जॉब करता है। महिला अपनी दो बेटियों को लेकर शहर में रहती है। महिला अपनी 13 वर्षीय बेटी को लेकर भरोसा सेल पहंुची। बेटी अपनी मां से नफरत करती थी। बेटी का अफेयर एक 22 वर्षीय लड़के से था। तालाबंदी के दौरान लड़की हर रोज बहाना कर घर से बाहर निकल रही थी। मां ने शक के आधार पर पीछा किया, तो देखा कि बेटी किसी लड़के से बात कर रही है। मां ने बेटी से पूछताछ की तो वह पहले इंकार कर दी, फिर डांट-फटकार के बाद अफेयर की बात स्वीकार की। मां परेशान होकर बेटी के साथ भरोसा सेल पहंुची। वहां लड़की की काउंसिलिंग की गई। काउंसलर ने समझाया कि वो लड़का ठीक नहीं है, न ही वो पढ़ा-लिखा है, न ही तुम्हारे लायक है। अभी तुम्हारी पढ़ने की उम्र है। इस तरह से लड़की को समझाइश दी गई। 

पहनावे को लेकर जताई आपत्ति
इसी तरह का एक मामला सामने आया। एक युगल ने 3 वर्ष पहले लव मैरिज शादी की। तालाबंदी में उनके बीच तनाव बहुत बढ़ गया और मामला भरोसा सेल तक पहुंचा। इस मामले में पति ने अपनी पत्नी के खिलाफ केस दर्ज कराया। पति का कहना है कि जब भी पत्नी को कहा कि माता-पिता के सामने छोटी-टीशर्ट मत पहना करो, तो उसे इस बात का बुरा लग गया। वो अपनी दोस्त के घर रहने चली गई। वह अपनी पत्नी से बहुत प्यार करता है, उसी के साथ रहना चाहता है। पत्नी के चले जाने से पति तनाव में था। फिर उसकी पत्नी को बुलाकर समझाइश दी गई। तब पत्नी, पति के साथ रहने को राजी हुई। 

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