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महिला नक्सली का शव लेने नहीं पहुंचे परिजन, पुलिस ने किया दफन

महिला नक्सली का शव लेने नहीं पहुंचे परिजन, पुलिस ने किया दफन

डिजिटल डेस्क, बालाघाट। पुलिस और नक्सली मुठभेड़ में मारी गई महिला नक्सली 19 वर्षीय नंदे का शव परिजन लेने नहीं पहुंचे तो पुलिस ने जिला अस्पताल की मर्चुरी में सुरक्षित रखे शव को निकालकर प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में उसे दफन कर दिया। इस दौरान तहसीलदार रामबाबू देवांगन, नगर पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र यादव और कोतवाली थाना प्रभारी महेन्द्रसिंह ठाकुर, ग्रामीण थाना प्रभारी सीके पटेल सहित अन्य थाना प्रभारी मौजूद रहे।


यह था पूरा मामला
गौरतलब हो कि लांजी थाना क्षेत्र के देवरबेली चौकी अंर्तगत पुजारी टोला में 9 जुलाई की रात पुलिस एवं हॉक फोर्स और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो ईनामी नक्सली अशोक उर्फ मंगेश तथा महिला नक्सली नंदे को सुरक्षाबलों के जवानों ने मार गिराया था, जिनके शवों को घटनास्थल से बरामद करने के बाद पुलिस ने 10 जुलाई को नक्सलियों के शवों का पोस्टमार्टम करवाया था, जिसमें नक्सली अशोक उर्फ मंगेश के शव को उसके परिजन लेकर गए थे, जिसका अंतिम संस्कार परिजनों द्वारा किया गया, लेकिन महिला नक्सली का शव परिजनों के नहीं पहुंचने से पुलिस ने उसे सुरक्षित मर्चुरी में रखवा दिया था। परिजनों को शव ले जाने की सूचना भी दे दी गई थी। इन सात दिनों तक जिला अस्पताल के मर्चुरी में महिला नक्सली का शव पुलिस सुरक्षा में रखा था।


सात दिनों तक रखा रहा शव
सात दिनों तक महिला नक्सली के शव को लेने परिजनों के नहीं पहुंचने के बाद प्रक्रिया के तहत पंचनामा कर शव को जागपुर घाट से डेंजर रोड की ओर जाने वाले मार्ग से लगे मरघटी में गढ्ढा खोदकर उसके शव को दफन कर दिया गया।


इनका कहना
महिला नक्सली के शव को लेने परिजनों को जानकारी भेजी गई थी, लेकिन उनके नहीं पहुंचने पर मंगलवार को विधिवत प्रक्रिया के तहत पंचनामा कार्यवाही कर प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में मोक्षधाम स्थल के पास दफन कर दिया गया। यदि परिजन आते हैं तो विधिवत शव को निकालकर परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
आकाश भूरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक

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