कलमना उड़ानपुल टूटने का मामला: रिपोर्ट दिल्ली मुख्यालय को सौंपी, नागपुर में अधिकारी रहे बेचैन

January 12th, 2022

डिजिटल डेस्क, नागपुर। 19 अक्टूबर, 2021 की रात तकरीबन 9.20 बजे कलमना रोड स्थित पारडी उड़ानपुल का एक स्पैन धराशायी हो गया था। इस हादसे की जांच के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा गठित दो कमेटियों द्वारा जांच पूर्ण कर रिपोर्ट पेश कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक एनएचएआई के दिल्ली स्थित मुख्यालय में यह रिपोर्ट पेश की गई है, जिसमें घटना के अनेक पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है। इस मामले में एनएचएआई के नागपुर कार्यालय के अधिकारियों ने फिलहाल कुछ भी कहने से पल्ला झाड़ लिया। सूत्रों के मुताबिक अब तक जांच रिपोर्ट नागपुर कार्यालय को नहीं मिली है, जिसकी वजह से दुर्घटना के कारण उजागर नहीं हो सके हैं। माना जा रहा है कि तकनीकी खामियों की वजह से यह पुल हादसा हुआ है। कारण सार्वजनिक होने के साथ ही हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। संभवत: यही कारण है कि जांच रिपोर्ट को अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।

दंडात्मक कार्रवाई होना तय
649 करोड़ के इस प्रकल्प के तहत कुल 6 किलोमीटर का उड़ानपुल, 14 किमी की 4 लेन सड़क, 2 रेलवे अंडरब्रिज, नागनदी पर 2 पुलिया व 22 बस शेड तैयार करना था। 
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के मुताबिक अब तक 265 करोड़ रुपए खर्च कर इस प्रकल्प का 65 फीसदी निर्माण कार्य पूर्ण हो पाया है। 
गत वर्ष में 3 किलोमीटर लंबा उड़ानपुल तैयार किया जा सका है। इसके साथ ही 3.5 किमी व 7.5 किमी की दो सीमेंट की सड़क बनकर तैयार हुई। -एचबी टाउन जंक्शन पर 24 गर्डर में से 16 गर्डर बनकर तैयार हुए हैं। इसके अलावा 1 रेलवे अंडरब्रिज बनाया गया,जबकि नाग नदी पर निर्माणाधीन 2 पुलिया का काम जारी है। 
यह प्रकल्प वर्ष 2019 में ही पूरा किया जाना था। कुछ कारणों से विलंब हुआ, जिसके बाद जनवरी 2022 तक पुल बनकर तैयार होने की आश्वासन दिया गया था। अक्टूबर 2021 में हादसे के बाद से इस पुल का निर्माण कार्य ठप है। 
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि स्पैन गिरने के कारण को लेकर एनएचएआई गंभीर है तथा हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर दंडात्मक कार्रवाई होना लगभग तय है।