comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

नागपुर यूनिवर्सिटी के 25 जुलाई तक जारी हो सकते हैं परिणाम

नागपुर यूनिवर्सिटी के 25 जुलाई तक जारी हो सकते हैं परिणाम

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय ने अपने विविध सेमिस्टर के परीक्षा परिणाम 25 जुलाई तक जारी करने का लक्ष्य रखा है। विश्वविद्यालय की कोशिश है कि बैकलॉग और ऑल क्लियर विद्यार्थियों के नतीजे एक साथ जारी किए जा सकें। इसके लिए बैकलॉग पर सरकारी आदेश का इंतजार है। हालांकि, इसमें अंतिम सेमिस्टर के नतीजों को शामिल नहीं किया जाएगा। सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश आने तक यूनिवर्सिटी ने अंतिम सेमिस्टर के नतीजे होल्ड पर रखे हैं। लेकिन शेष सेमिस्टर के नतीजे तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह काम कंप्यूटराइज्ड किया जा रहा है। दरअसल, राज्य सरकार की ओर से कॉलेजों की परीक्षा रद्द करके विद्यार्थियों को औसत अंक देकर पास करने का निर्णय लिया गया है। अंतिम सेमिस्टर की परीक्षा को लेकर स्पष्ट निर्देश का इंतजार है। अन्य सभी सेमिस्टर के ऐसे विद्यार्थी, जिन्हें कोई बैकलॉग नहीं है, उन्हें औसत अंक देकर  पास किया जा रहा है। इन्हीं विद्यार्थियों का रिजल्ट बनाने में यूनिवर्सिटी जुटा हुआ है।

परीक्षाफल तैयार करने की प्रक्रिया दो हिस्सों में
रिजल्ट तैयार करने की इस प्रक्रिया के दो हिस्से हैं। एक तो विद्यार्थियों के इंटरनल परीक्षा के अंक कॉलेज विश्वविद्यालय को भेज रहे हैं। दूसरा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के पिछले सभी सेमिस्टर का प्रदर्शन देख कर औसत निकाल रहा है। यूनिवर्सिटी  प्रभारी प्रकुलगुरु डॉ. एस. आर चौधरी के अनुसार इस पूरी प्रक्रिया में मानवी दखल कम से कम है। औसत कंप्यूटराइज्ड निकाले जा रहे हैं। इसके लिए यूनिवर्सिटी ने एक फॉर्मूला तैयार किया है। जिसे सिस्टम में फीड करते ही विद्यार्थी का औसत निकल आता है। ऐसे में अगले 15 दिन में सभी विद्यार्थियों के रिजल्ट तैयार हो जाएंगे। 

बैकलॉग पर निर्देश का इंतजार
विश्वविद्यालय ऐसे ही विद्यार्थियों के रिजल्ट तैयार कर रहा है, जिनके सारे विषय क्लियर हैं। जिन विद्यार्थियों को पहले, दूसरे, तीसरे और आगे के किसी भी सेमेस्टर में बैकलॉग है, उनका क्या करना है इस पर सरकार के फैसले का इंतजार किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी  को उम्मीद है कि अगले 15 दिन में राज्य सरकार इस दिशा में कोई फैसला लेगी। इसके अनुसार इन विद्यार्थियों के रिजल्ट तैयार करने हैं या परीक्षा लेनी है, इस पर निर्णय लिया जाएगा।

कमेंट करें
45sCH
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।