दैनिक भास्कर हिंदी: जिला परिषद के रिटायर्ड टीचर्स को पेंशन के लिए करना पड़ रहा इंतजार

May 21st, 2020

डिजिटल डेस्क, नागपुर। जिला परिषद के शिक्षकों को सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन  लागू होने के लिए 6 महीने इंतजार करना पड़ रहा है। कार्यालयीन लेटलतीफी के चलते शिक्षकों को बेवजह परेशान होना पड़ रहा है। अखिल महाराष्ट्र प्राथमिक शिक्षक संघ ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी को ज्ञापन भेजकर सेवानिवृत्त होने के साथ ही पेंशन लागू करने की मांग की है। जिला परिषद शिक्षकों को सेवानिवृत्त होने के बाद 6-6 महीने पेंशन लाभ नहीं मिलता। इसके लिए उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं।

सेवानिवृत्त होने से 6 महीने पहले सेवा पुस्तिका में त्रुटियों की पूर्तता कर पंचायत समिति द्वारा प्रकरण मंजूरी के लिए जिला परिषद के पास भेजा जाना चाहिए। प्राथमिक विभाग शिक्षणाधिकारी चिंतामण वंजारी ने 7 अक्टूबर 2019 को एक पत्र जारी करके सेवानिवृत्ति से 6 महीने पहले प्रकरण मंजूरी के लिए जिला परिषद के पास भेजने के सभी गट शिक्षणाधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं। पंचायत समिति स्तर से फाइल भेजने में लेटलतीफी होती है। जिला परिषद में फाइल पहुंचने पर जल्द निपटारा नहीं होता। वित्त विभाग में कई दिन तक सेवा पुस्तक पड़ताल के लिए पड़ी रहती है। नतीजा शिक्षकों को पेंशन लाभ मिलने में विलंब होता है। सेवानिवृत्ति वेतन  उपदान, भविष्य निर्वाह निधि, गट बीमा आदि के लाभ मिलने के लिए शिक्षकों को लंबे समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ रही है।

सेवानिवृत्तों को शीघ्र पेंशन मिलनी चाहिए 
पेंशन लागू होने में काफी विलंब हो रहा है। इसके लिए शिक्षकों को जिला परिषद के विविध विभागों में चक्कर काटने पड़ते हैं। शिक्षकों की यह समस्या सुलझाने अखिल महाराष्ट्र प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से सीईओ, कैफो, प्राथमिक शिक्षणाधिकारी व सभी पंचातय समिति के गट शिक्षणाधिकारियों को ज्ञापन भेजकर सेवानिवृत्त होने के साथ ही शिक्षकों को पेंशन लागू करने की मांग की गई है।
- धनराज बोडे, अध्यक्ष, अखिल महाराष्ट्र प्राथमिक शिक्षक संघ जिप नागपुर