दैनिक भास्कर हिंदी: काम करते रहे आंगनवाड़ी कर्मचारियों को पता ही नहीं चला कब रिटायर्ड हुए

December 26th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। शासन के नए जीआर की जानकारी ही नहीं रही और रिटायर्ड आंगनवाड़ी कर्मचारी काम करते रहे । विभाग के ढुलमुल कामकाज का यह प्रमाण सामने आया है।  कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु सीमा 65 से घटाकर 60 वर्ष कर दी गई है। यदि 65 वर्ष तक सेवा करना चाहते हैं, उन कर्मचारियों को जिला शल्यचिकित्सक अथवा शासकीय रुग्णालय अधीक्षक अथवा चिकित्सा मंडल का फिटनेस प्रमाण-पत्र देना अनिवार्य है। फिटनेस प्रमाण-पत्र देने पर पहले 3 वर्ष और इसके बाद दूसरी बार प्रमाण-पत्र देने पर 2 वर्ष सेवा का मौका दिया जाएगा। हाल ही में महिला व बाल विकास विभाग ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। सेवानिवृत्ति की आयुसीमा 65 वर्ष मानकर चल रहे अनेक आंगनवाड़ी कर्मचारियों की आयु 60 वर्ष पार हो गईं। नए शासनादेश का उन्हें पता ही नहीं है। 

31 जनवरी को समाप्त होगी सेवा
एकात्मिक बाल विकास सेवा योजना अंतर्गत वर्ष 1975 में आंगनवाड़ी योजना शुरू की गई। नागपुर शहर में 981 अांगनवाड़ी और ग्रामीण क्षेत्र में 2423 आंगनवाड़ियां हैं। आंगनवाड़ी सेविका और सहायक को मिलाकर लगभग 6700 कर्मचारी आंगनवाड़ियों में मानधन पर सेवा दे रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार 25 प्रतिशत कर्मचारी 60 वर्ष उम्र पार कर चुके हैं। उन्हें आगे सेवा में रहने के लिए 31 जनवरी तक फिटनेस प्रमाण-पत्र देना अनिवार्य है। जो कर्मचारी फिटनेस प्रमाण-पत्र नहीं देगा, उसकी सेवा 31 जनवरी 2019 के बाद समाप्त कर दी जाएगी।

1 नवंबर के बाद नियुक्त को नहीं राहत
आंगनवाड़ी में 1 नवंबर 2018 से पहले नियुक्त कर्मचारियों को उम्र के 60 वर्ष बाद 5 वर्ष फिटनेस प्रमाण-पत्र के आधार पर ऐच्छिक सेवा का अवसर दिया गया है।  इसके बाद नियुक्त कर्मचारियों को राहत नहीं दी गई है। उनकी सेवानिवृत्ति की आयु सीमा 60 वर्ष रखी गई है। 

प्रकल्प अधिकारी जवाबदेह
आंगनवाड़ी कर्मचारी की आयुसीमा 60 वर्ष पूरी करने वाले कर्मचारी को 8 दिन में सूचित करने की जवाबदेही संबंधित प्रकल्प अधिकारी पर रहेगी। सूचना मिलने पर संबंधित कर्मचारी को 2 महीने में फिटनेस प्रमाण-पत्र देना होगा। कर्मचारी को सूचित नहीं करने पर संबंधित प्रकल्प अधिकारी जिम्मेदार रहेगा। लापरवाही बरतने वाले प्रकल्प अधिकारी के खिलाफ एकात्मिक बाल विकास आयुक्त को कार्रवाई का अधिकार दिया गया है।

केस नंबर 1
मेरी उम्र 62 वर्ष हो गई। नए शासनादेश के अनुसार फिटनेस प्रमाण-पत्र देने के संबंध में विभाग से कोई पत्र नहीं मिला है। हालांकि कुछ दिन पहले पर्यवेक्षक ने मौखिक रूप से इसका जिक्र किया था।
-संघमित्रा गेडाम, सेविका, आंगनवाड़ी सेविका मांढल

केस नंबर 2
अखबार में खबर पढ़ी थी, 60 वर्ष उम्र पूरी करने वालों को आगे सेवा में रहने के लिए फिटनेस प्रमाण-पत्र देना अनिवार्य है। विभाग से किसी भी प्रकार की सूचना या पत्र नहीं मिला है। नए नियम के अनुसार फिटनेस प्रमाण-पत्र नहीं देने पर सेवा समाप्त होने का डर सता रहा है।
-जासुंदा भोतमांगे, आंगनवाड़ी सेविका, बोरी-सदाचार