दैनिक भास्कर हिंदी: देश के 13 राज्यों में 76 सीटों पर चुनाव लड़ेगी आरपीआई - आठवले

April 14th, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना के समझौते के चलते अलग-थलग पड़ी आरपीआई अध्यक्ष व केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने 13 प्रदेशों में 76 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। रविवार को आठवले ने कहा कि आरपीआई भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की सहयोगी पार्टी है पर आरपीआई का महाराष्ट्र के अलावा भाजपा के साथ किसी दूसरे प्रदेश में गठबंधन नहीं हुआ है। बांद्रा के एमआईजी क्लब में पत्रकारों से बातचीत में आठवले ने कहा कि आरपीआई पंजीकृत दल होने के कारण कुछ सीटों पर चुनाव लड़ना आवश्यक है। इसलिए पार्टी 13 राज्यों में 76 सीटों पर चुनाव में उतरने का फैसला किया है। आठवले ने बताया कि आरपीआई उत्तर प्रदेश में 15 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इसके अलावा राजस्थान में 5, असम में 3, तेलंगाना में 1, झारखंड में 3, केरल में 5, मध्य प्रदेश में 5, छत्तीसगढ में 2, आंध्रप्रदेश में 7, तामिलनाडू में 7, दिल्ली में 4, बिहार में 2, कर्नाटक में 5, पश्चिम बंगाल में 5, हरियाणा में 4 और पंजाब में 3 कुल 76 सीटों पर उम्मीदवार मैदान में होंगे। जबकि बाकी सीटों पर आरपीआई ने भाजपा के उम्मीदवारों को समर्थन दिया है। आठवले ने कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को सफलता नहीं मिलेगी। केंद्र सरकार के पांच सालों के काम के आधार पर नरेंद्र मोदी फिर से प्रधानमंत्री बनेंगे। देश भर में एनडीए को 350 से अधिक सीटें मिलेंगी। जबकि महाराष्ट्र में महायुति को 40 से अधिक सीटों पर कामयाबी मिलेगी। 

भाजपा को फायदा होने का दावा

महाराष्ट्र में आठवले को लोकसभा सीट न दिए जाने से नाराजगी के कारण बाकी राज्यों के चुनाव लड़ने के सवाल पर आरपीआई के नेता ने कहा कि हमारे उम्मीदवार उतारने से भाजपा को ही फायदा होगा। उत्तर प्रदेश में बसपा के वोट बटेंगे इसका सीधे लाभ भाजपा के उम्मीदवार को होगा। 

रिपब्लिकन एकता के लिए मंत्री पद छोड़ने को तैयार

आठवले ने प्रदेश में विभिन्न रिपब्लिकन समूहों को साथ में आकर एकीकृत रिपब्लिकन पार्टी बनाने का आह्वान किया। आठवले ने कहा कि यदि रिपब्लिकन एकता होने वाली होगी तो मैं नेतृत्व के विवाद में नहीं पडूंगा। मैं दूसरा स्थान स्वीकारने को तैयार हूं। आठवले ने कहा कि मेरे और वंचित बहुजन आघाडी के नेता प्रकाश आंबेडकर के साथ आने पर रिपब्लिकन एकता मजबूत होगी। राजनीतिक रूप से समाज का महत्व बढ़ेगा। आठवले ने कहा कि रिपब्लिकन एकता के लिए मैं मंत्री पद छोड़ने को तैयार हूं।

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