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आपदा में जनसेवा को कर्तव्य समझते हैं संघ से निकले बच्चे: सहस्रबुद्धे 

आपदा में जनसेवा को कर्तव्य समझते हैं संघ से निकले बच्चे: सहस्रबुद्धे 

हाईलाइट

  • विजयादशमी उत्सव: बाल व शिशु स्वयंसेवकों ने निकाला पथ संचलन
  • सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत ने किया शस्त्र पूजन
  • राष्ट्रसेविका समिति की प्रमुख संचालिका शांताक्का ने कहा हर क्षेत्र में महिलाएं आगे

डिजिटल डेस्क, नागपुर। अपने बच्चों को नियमित रूप से संघ की शाखा में भेजें। वहां बच्चों को शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक खेल के माध्यम से राष्ट्रीय कार्य में योगदान की शिक्षा दी जाती है। शाखा में होने वाले नियमित खेल प्रत्येक स्वयंसेवक को अलग बनाते हैं और वह सामान्य व्यक्ति से हटकर समाज और जनसेवा को अपना कर्तव्य समझता है। यही वजह है कि देश में कहीं भी आपदा की स्थिति में स्वयंसेवक सेवा देने के लिए कटिबद्ध रहते हैं। 

यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महानगर बौद्धिक प्रमुख रवींद्र सहस्रबुद्धे ने कही। वे विजयादशमी उत्सव के उपलक्ष्य में बुधवार को नंदनवन भाग द्वारा श्रीकृष्णनगर में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। मंच पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, मुख्य अतिथि के रूप में शासकीय आयुर्वेद कॉलेज के पूर्व अधिष्ठाता डॉ. गणेश मुक्कावार, विदर्भ प्रांत संघचालक राम हरकरे व नंदनवन भाग संघचालक अशोक बुजोणे प्रमुख रूप से उपस्थित थे। 

इस अवसर पर सरसंघचालक डॉ. भागवत ने पारंपरिक रूप से शस्त्र पूजन किया। विभिन्न भागों में संघ के शिशु व बाल स्वयंसेवकों ने पथ संचलन निकाला। सहस्त्रबुद्धे ने शाखा का महत्व बताते हुए कहा कि शाखा में खेल के माध्यम से बाल स्वयंसेवकों का सर्वांगीण विकास होता है। उनमें संगठन और बंधुत्व की भावना जागृत होती है।

महिलाओं ने सभी क्षेत्र में अपनी क्षमता सिद्ध की

इस मौके पर राष्ट्रसेविका समिति की प्रमुख संचालिका शांताक्का ने कहा कि आधुनिक युग में महिलाओं ने अपनी क्षमता सभी क्षेत्र में सिद्ध कर दी है। नए भारत में महिलाओं को अपने नए विचार लेकर आगे आना चाहिए। महिलाओं में मातृत्व के साथ कर्तव्य तो होता ही है, लेकिन अब नेतृत्व भी होना चाहिए। वे बुधवार को राष्ट्रसेविका समिति की ओर से माधवनगर स्थित गोलवलकर गुरुजी सभागृह में आयोजित विजयादशमी व शस्त्रपूजन उत्सव कार्यक्रम में बोल रही थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व आईपीएस अधिकारी निर्मल कौर ने की। समिति की पूर्व प्रमुख संचालिका प्रमिल मेढे, विदर्भ प्रांत कार्यवाहिका रोहिणी आठवले, महानगर कार्यवाहिका करुणा साठे प्रमुखता से उपस्थित थीं। प्रस्तावना मंजूषा पांढरीपांडे व संचालन जुई बंडलकर ने किया। 

यहां से निकले पथ संचलन

मोहिते भाग का उत्सव एनआईटी मैदान, ईस्टर्न स्पोर्ट्स क्लब के पास, पूर्व वर्धमान नगर में हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में धरमपाल अग्रवाल उपस्थित थे। इतवारी एवं लालगंज भाग का उत्सव गाड़ीखाना मैदान पर हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ व इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. कुश झुनझुनवाला उपस्थित थे। बिनाकी, सदर व गिट्टीखदान भाग का उत्सव ग्रामीण पुलिस ग्राउंड लाल गोदाम, पाटनकर चौक, कामठी रोड पर किया गया जहां मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ बाल रोग विशेष डॉ. हिमांशु दुवा उपस्थित थे। धरमपेठ, त्रिमूर्तिनगर व सोमलवाड़ा भाग का उत्सव नवनिर्माण कॉलोनी मैदान, प्रतापनगर में हुआ जहां मुख्य अतिथि वरिष्ठ दंत चिकित्सक डॉ. अभय दातारकर थे। अजनी व अयोध्या भाग का उत्सव तारांगण मैदान, न्यू सूभेदार ले-आउट में हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में चार्टर्ड अकाउंटेंट सूचित उस्केलवार व बहुउद्देशीय शिक्षण संस्था के अध्यक्ष लक्ष्मणराव उस्केलवार उपस्थित थे।

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