दैनिक भास्कर हिंदी: राम मंदिर के लिए RSS की हुंकार रैली, भाजपा विधायकों पर रहेगी जिम्मेदारी

November 10th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के मामले को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आंदोलन की राह पर चल पड़ा है। 25 नवंबर को संघ मुख्यालय नागपुर सहित अयोध्या व बंगलुरु में एक साथ हुंकार रैली निकाली जाएगी। नागपुर के हनुमाननगर चौक स्थित क्रीड़ा मैदान में होने वाली रैली में साध्वी ऋतंभरा प्रमुखता से शामिल होंगी। रैली के नियोजन को लेकर जो रणनीति बन रही है, उसके अनुसार अहम जिम्मेदारी भाजपा के विधायक संभालेंगे। गौरतलब है कि संघ ने मंदिर निर्माण के लिए सरकार पर दबाव बनाना आरंभ किया है।

आंदोलन की चेतावनी
नागपुर में ही संघ के विजयादशमी उत्सव में सरसंघचालक डॉ.मोहन भागवत ने कहा में मंदिर निर्माण के लिए लोगों के सब्र की सीमा समाप्त हो रही है। सरकार ने संसद में कानून लाकर मंदिर का निर्माण करना चाहिए। बाद में संघ के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने तो यहां तक कह दिया कि अयोध्या में मंदिर निर्माण में विलंब हुआ तो देश में 1992 जैसा आंदोलन किया जा सकता है। मंदिर निर्माण के मुद्दे को नए सिरे से उठाने के लिए शनिवार को रेशमबाग स्थित डॉ.हेडगेवार स्मृति भवन में बैठक आयोजित की गई। बैठक का नेतृत्व विश्व हिंदू परिषद ने किया।

संत करेंगे नेतृत्व
भाजपा, बजरंग दल, महिला संगठन के अलावा अन्य संगठन के पदाधिकारी भी प्रमुखता से उपस्थित थे। वक्ताओं ने मंदिर निर्माण के मामले को लेकर संघ परिवार की नई रणनीति की जानकारी दी। बताया गया कि हुंकार रैली के माध्यम से संतों के नेतृत्व में आंदोलन किया जाएगा। नागपुर में हुंकार रैली का काफी महत्व है। यहां साध्वी ऋतंभरा के अलावा संत उच्चाधिकार समिति के प्रतिनिधि जितेंद्रनाथ महाराज प्रमुखता से शामिल रहेंगे। सरसंघचालक ने विजयादशमी उत्सव में कहा था कि मंदिर निर्माण के लिए संत समाज आंदोलन करेगा तो संघ के स्वयंसेवक उन्हें साथ देंगे। लिहाजा पदाधिकारियों को बताया गया कि किस तरह मंदिर निर्माण की बात को संत समाज के माध्यम से आगे बढ़ाया जा सकता है।

बैठक में संघ पदाधिकारी दीपक तामशेट्टीवार, राजेश लोया, श्रीधरराव गाडगे, अरुण नेटके, विश्व हिंदू परिषद के अजय निदलावार मंच पर उपस्थित थे। बैठक में करीब 300 पदाधिकारी शामिल हुए उनमें भाजपा के विदर्भ संगठन मंत्री डॉ.उपेंद्र कोठेकर, भाजपा के विधायक विकास कुंभारे के अलावा अन्य विधायक , शहर के प्रमुख मंदिरों व धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारी, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों के अलावा युवा संगठनों के पदाधिकारी प्रमुखता से शामिल थे। चर्चा में साफ संकेत दिया गया कि हुंकार आंदोलन के माध्यम से संघ परिवार सड़क पर आंदोलन की शुरुआत करने जा रहा है। इस आंदोलन की तीव्रता दिखाने के लिए किसी तरह की कमी नहीं छोड़ी जाये। 

खबरें और भी हैं...