दैनिक भास्कर हिंदी: नागपुर : लेटर बॉक्स ने उगला राज, सरकारी स्कूल में छात्राओं के साथ हुआ असभ्य बर्ताव

October 25th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। लेटर बॉक्स में मिली शिकायत में सरकारी स्कूल के एक शिक्षक द्वारा छात्राओं के साथ असभ्य बर्ताव करने का मामला सामने आया है। काटोल रोड स्थित जिप कन्या स्कूल में 9 वीं और 10वीं कक्षा की छात्राओं ने सहायक शिक्षक राजेंद्र मरसकोले पर असभ्य बर्ताव का आरोप लगाया है। छात्राओं की शिकायत पर जिला परिषद सीईओ संजय यादव ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। 

क्या कहा शिकायत में
शिकायत में कहा है कि सहायक शिक्षक मरसकोले पिछले अनेक दिनों से छात्राओं के साथ असभ्य बर्ताव करता रहा है। छात्राओं को गलत नजर से देखना, गलत भावना से स्पर्श, गाली-गलौज, कक्षा में अपमानित करता है। कक्षा में मोबाइल पर गाने बजाने, हेडफोन लगाकर मोबाइल का इस्तेमाल करने आदि बर्ताव से छात्राएं परेशान हैं। इस संबंध में मुख्याध्यापक से शिकायत करने पर अनेक बार ताकीद दी गई, लेकिन उसके बर्ताव में कोई सुधार नहीं हुआ, उल्टे उसकी हरकतें बढ़ती रहीं। शिक्षक के बर्ताव से त्रस्त छात्राओं ने सीधे सीईओ से शिकायत कर दी। सीईओ ने प्राथमिक शिक्षा अधिकारी चिंतामण वंजारी को जांच के आदेश दिए हैं। शिकायत को एक महीना हो रहा है, अभी तक जांच नहीं होने से छात्राओं की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग कितना गंभीर है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

लेटर बॉक्स ने उगला राज
शिक्षक के असभ्य बर्ताव का राज स्कूल में  लगाए गए लेटर बॉक्स ने उगला। मुख्याध्यापक से शिकायत करने पर शिक्षक के बर्ताव में कोई सुधार नहीं होने से छात्राएं त्रस्त थीं। उन्होंने शिक्षक को सबक सिखाने सीईओ के नाम चिट्ठी लिख कर स्कूल में लगे लेटर बाक्स में डाल दी। मुख्याध्यापक ने शिकायत की एक कॉपी सीधे सीईओ को भेज दी।

शिक्षा अधिकारी कर रही जांच
छात्राओं की शिकायत की जांच कलमेश्वर पंचायत समिति की गट शिक्षा अधिकारी मिश्री कोटकर कर रहीं हैं। जांच रिपोर्ट अभी नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
चिंतामण वंजारी, शिक्षणाधिकारी (प्राथमिक)

बदनाम करने का षड्यंत्र है
जिस मुख्याध्यापक ने शिकायत की है, उन्होंने वरीयता को किनारा कर प्रभारी मुख्याध्यापक पद हथिया लिया है। इस संबंध में मेरा संगठनात्मक विवाद चल रहा है। इसे राेकने के िलए छात्राओं को हाथ में पकड़ कर मुझे बदनाम करने का षड्यंत्र रचा गया है।
राजेंद्र मरसकाेले, सहायक शिक्षक, जिप कन्या स्कूल, काटोल रोड