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नागपुर के 2 हजार लोगों का लिया सैंपल 50% में "एंटीबॉडी' पॉजिटिव मिली

नागपुर के 2 हजार लोगों का लिया सैंपल 50% में "एंटीबॉडी' पॉजिटिव मिली

डिजिटल डेस्क, नागपुर। जिले में कोरोना संक्रमण की वास्तविक स्थिति जांचने के लिए "सीरो सर्वे' किया गया। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र से कुल 4000 लोगों के सैंपल लिए गए। शहरी क्षेत्र में 50 और ग्रामीण इलाकों के 20 फीसदी नमूने पॉजिटिव आए हैं। इससे यह साफ होता है कि शहरी क्षेत्र में संक्रमण ज्यादा है और ग्रामीण में कम। इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने अपनी कोविड-19 की जांच कभी नहीं कराई। पर "सीरो सर्वे' में "एंटीबॉडी' पॉजिटिव आने से साफ हो गया कि उन्हें कोरोना हो चुका है। यह बात अलग है कि उन्हें पता नहीं चला। उधर, सर्वे के परिणामों की आधिकारिक घोषणा प्रशासन ने नहीं की है। इसको लेकर अभी गोपनीयता बरती जा रही है। 

अधिकृत जानकारी जारी करने के निर्देश
बताया जाता है कि जुलाई में नागपुर जिले में संक्रमण की वास्तविक स्थिति जानने के लिए "सीरो सर्वे' किया गया था। शहर में तकनीकी खराबी के कारण इसके परिणाम नहीं आ पाए थे। पीक के बाद फिर से दूसरे चरण का "सीरो सर्वे' किया गया। इसमें शहर से 2000 और ग्रामीण से 2000 सैंपल लिए गए। ग्रामीण में यह सर्वे पहले ही हो चुका था। मनपा अंतर्गत क्षेत्र यानी शहर में यह सर्वे पूरा होेने में समय लगा। सोमवार को इस सर्वे की पूरी रिपोर्ट का प्रेजेंटेशन विभागीय आयुक्त संजीव कुमार को दिया गया। इसमें जिलाधिकारी रवींद्र ठाकरे, जिला स्वास्थ अधिकारी डॉ. दीपक सेलोकर, सिविल सर्जन, मनपा आयुक्त सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। प्रेजेंटेशन के बाद संजीव कुमार ने अधिकृत जानकारी जारी करने के लिए कहा। इसमें एक-दो दिन का समय लगेगा। सूत्रों के अनुसार, सर्वे के परिणाम में शहर में 49.5 प्रतिशत लोग "एंटीबॉडी' पॉजिटिव आए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में करीब 20 प्रतिशत लोग "एंटीबॉडी' पॉजिटिव आए। 

इस तरह लिए गए सैंपल
शहर और देहात से सैंपल रैंडम लिया गया। इसमें हर क्षेत्र को शामिल किया गया। इसमें कंटेनमेंट और नॉन कंटेनमेंट जोन भी शामिल हैं। नागपुर ग्रामीण क्षेत्र में 13 तहसील में 13 क्लस्टर तैयार किए गए। इन 13 क्लस्टर में 40 गांव शामिल किए गए। प्रत्येक गांव में 50 व्यक्तियों का सैंपल लिया गया। इसके अनुसार, कुल 2000 सैंपल लिए गए। इसी तरह, शहर में 10 जोन हैं। प्रत्येक जोन में 4 क्लस्टर बनाए गए। इस तरह 40 क्लस्टर तैयार किए गए। प्रत्येक क्लस्टर से 50 सैंपल लिए गए। सभी क्लस्टर में से सैंपल लेकर इनकी जांच के लिए मेडिकल अस्पताल भेजा गया। 

क्या है "सीरो सर्वे'
कोरोना संक्रमण की वास्तविक स्थिति की जांच के लिए "सीरो सर्वे' किया जाता है। इसमें ब्लड सैंपल लिए जाते हैं और उसमें कोरोना एंटीबॉडी की जांच की जाती है। पॉजिटिव आने का अर्थ है कि उस व्यक्ति को कोरोना हो चुका है और उसे पता नहीं चला है। इसमें कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जिन्हें संक्रमित होने पर बहुत कम लक्षण हुए।  कोरोना हाेने के बाद उससे लड़ने के लिए शरीर में "एंटीबॉडी' बनती है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।