शुभारंभ: नागपुर स्टेशन पर शाही रेस्टोरेंट ‘हल्दीराम एक्सप्रेस’ शुरू

February 3rd, 2022

डिजिटल डेस्क, नागपुर। भारतीय नमकीन (स्नैक्स) व मिष्ठान्न से समूचे विश्व में विशेष पैठ बनाने वाले हल्दीराम ने नागपुर रेलवे स्टेशन पर शाही रेस्टोरेंट ‘हल्दीराम एक्सप्रेस’ शुरू कर दिया है। मध्य रेलवे नागपुर मंडल की पेशकश व ट्रेन का एक कोच उपलब्ध कराए जाने पर बुधवार को हल्दीराम समूह के प्रबंध संचालक राजेंद्रकुमार अग्रवाल ने मंडल रेल प्रबंधक ऋचा खरे की उपस्थिति में हल्दीराम एक्सप्रेस रेस्टोरेंट का शुभारंभ किया। इस अवसर पर हल्दीराम समूह के नीरज अग्रवाल, श्रुति अग्रवाल, विवेक अग्रवाल व रेल प्रशासन के अधिकारी प्रमुखता से उपस्थित थे।

24 घंटे खानपान की सुविधा
नागपुर रेलवे स्टेशन के पश्चिमी प्रवेश द्वार के निकट एक कोच में शुरू हल्दीराम एक्सप्रेस रेस्टोरेंट में 40 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। रेस्टोरेंट के संचालक नीरज अग्रवाल ने बताया कि रेल परिवहन के शुरुआती दिनों में ट्रेन में ही खान-पान व अन्य आवश्यक सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध रहती थीं। ऐसी ट्रेन में शाही परिवार अथवा रसूखदार लोग ही सफर करते थे। शाही सवारी की याद ताजा करने तथा नई पीढ़ी को पुराने संस्मरणों से अवगत कराने के लिए रेल प्रशासन द्वारा एक अभिनव उपक्रम शुरू करने का निर्णय लिया गया था। इसी सोच के तहत रेल प्रशासन ने रेलवे ट्रैक पर कोच में रेस्टॉरेंट शुरू करने का मन बनाया। 

हल्दीराम समूह के समक्ष जब यह प्रस्ताव रखा गया, तो हमने इसे सहर्ष स्वीकार कर लिया। नागपुर रेलवे स्टेशन की स्थापना तत्कालीन गवर्नर सर फ्रैंक ने 15 जनवरी 1925 में की थी। स्टेशन की जमीन ब्रिटिश सरकार ने खैरागढ़ के राजा से एक रुपए में खरीदी थी। स्टेशन के इस ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए ट्रेन के कोच को ही शाही कोच का रूप दिया गया है। इसमें स्वीट कॉर्नर, सॉफ्टी कॉर्नर, पैक नमकीन आदि की व्यवस्था की गई है। साथ ही भोजन थाली, अल्पाहार आदि 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे।  रेस्टोरेंट में 52 कर्मचारी तीन पाली में काम करेंगे। रात के 3 बजे भी आइस्क्रीम, भारतीय व्यंजन, मिठाई व अन्य खान-पान की साम्रगी उपलब्ध रहेगी।

युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र 
मध्य नागपुर के इस भीड़-भाड़ वाले इलाके में कुछ पल आराम से व्यतीत करने का इरादा रखने वाले युवाओं को रुचिकर खान-पान की सामग्री के साथ अपेक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए हल्दीराम एक्सप्रेस की आंतरिक सज्जा की गई है। रेस्टोरेंट के भीतर पहुंचने पर एक ओर ट्रेन में बैठने का अहसास होता है, तो दूसरी ओर पुरानी ट्रेन में मौजूद रहने वाले शाही संसाधनों का लुत्फ उठाने जैसा अनुभव मिलता है। युवाओं को इस अनुभव से रूबरू कराने के लिए ट्रेन की कोच में रेस्टोरेंट तैयार किया गया है। नीरज अग्रवाल ने बताया कि रेस्टोरेंट न सिर्फ शहरी लोगों के लिए अपितु यात्रियों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होगा। मध्य रेलवे नागपुर मंडल द्वारा एक वर्ष के ठेके पर यह कोच उपलब्ध कराया गया है, जिसका वार्षिक भाड़ा करीब 42 लाख रुपए है।