दैनिक भास्कर हिंदी: अजित पवार ने शिवसेना की हालत बताई अवनी बाघिन जैसी, कहा- भाजपा रोज कर रही शिकार

November 27th, 2018

डिजिटल डेस्क, मुंबई। सूखे के मुद्दे पर चर्चा के दौरान NCP नेता अजित पवार ने शिवसेना पर हमला करते हुए कहा कि उसकी हालत बाधिन अवनी जैसी हो गई है और भाजपा रोज उस पर गोली चला रही है। सरकार पर हमला बोलते हुए अजित पवार ने कहा कि किसान परेशान हैं लेकिन राममंदिर का मुद्दा उठाकर लोगों का ध्यान मुद्दों से भटकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राम चर्चा में आ गए तो समझो चुनाव आ गया। नियम 293 के तहत सूखे पर चर्चा के दौरान अजित पवार ने सवाल किया कि उद्धव ठाकरे शिवनेरी किले की मिट्टी अयोध्या क्यों ले गए। शिवसेना और अयोध्या का क्या सम्बंध है।

अजित पवार ने कहा कि सरकार किसानों की कर्जमाफी का दावा कर रही है, लेकिन किसानों की आत्महत्या थम नहीं रही हैं। सरकार को अपनी अंतरात्मा की आवाज सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि जल युक्त शिवार अभियान की न्यायालयीन जांच होनी चाहिए। अजित पवार ने सरकार की किसानों को लेकर दोहरी भूमिका पर प्रहार किए। कई मुद्दों पर उन्होंने सरकार की बखिया उधेड़ी। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से किसान बेहद परेशान हुए। महाराष्ट्र में किसान आत्महत्या के मामले बढ़ रहे हैं और नोटबंदी सभी को परेशान कर रखा है। उन्होंने कहा कि सोमवार को ही दो किसानों ने आत्महत्या का प्रयास किया।

मुख्यमंत्री ने सभागृह में कहा था कि ऐतिहासिक कर्जमाफी की है, आप लोगों के बीच जाइए, फिर आपको पता चलेगा कि कितने लोगों को कर्जमाफी मिली है और फिर सरकार कर्जमाफी के आंकड़े जारी करें और बताए कि कितने लोगों को कर्जमाफी दी है। अजित पवार ने मांग की कि आत्महत्या करने वाले किसानों के परिजनों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को किसान परिवारों को लेकर फैसले करने चाहिए। 

मुख्यमंत्री, मंत्री हमेशा करते रहते हैं अध्ययन
अजित पवार ने कहा कि राज्य के अनेक बांध खराब हालात में हैं। अभी नवंबर माह शुरु है और अभी से पानी की कमी महसूस होने लगी है। इस पर सरकार कुछ नहीं कर रही है। मुख्यमंत्री से कुछ पूछो तो कहते हैं कि अध्ययन कर रहा हूं, मंत्रियों से पूछो तो कहते हैं कि अध्ययन कर रहा हूं। क्या स्कूल में इतनी पढ़ाई नहीं की? यह ताना मारते हुए अजित पवार ने कहा कि मंत्री सिर्फ अच्छे कपड़े पहनकर घूमते हैं, सावधानी बरतिए, लोगों के काम कीजिए, नहीं तो अगली बार लोग ये कपड़े फाड़ देंगे।