फासिस्ट राज को बल दे रही ममता’: कांग्रेस की नाराजगी के बाद शिवसेना का यू टर्न

December 4th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मुंबई दौरे को लेकर महा विकास आघाडी के घटक दल कांग्रेस की नाराजगी के बाद शिवसेना ने अपना रुख बदल लिया है। पार्टी ने अपने मुखपत्र में प्रकाशित संपादकीय में कहा है कि बगैर कांग्रेस के कोई भी गठबंधन बनाना सही नहीं होगा। शनिवार को शिवसेना प्रवक्ता संजय राऊत ने कहा कि तीसरे-चौथे मोर्चे का फायदा भाजपा को ही होता है। इस लिए हमें पहले से मौजूद यूपीए को मजबूत करना चाहिए। राऊत ने कहा कि महाराष्ट्र में हमारे मतभेद हैं इसके बावजूद हम कांग्रेस-राकांपा के साथ मिलकर सरकार चला रहे हैं। 

ममता का स्वागत करने वाली शिवसेना ने अब साधा निशाना
तीन दिन पहले मुंबई में ममता बनर्जी का स्वागत करने वाली शिवसेना ने अब अपने मुख पत्र के जरिए उन पर निशाना साधा है। साथ ही राहुल गांधी व प्रियंका गांधी की तारीफ की है। पार्टी ने संपादकीय के माध्यम से कहा है कि ममता का कांग्रेस को राष्ट्रीय राजनीति से दूर रखकर सियासत करना यानी मौजूदा फासिस्ट राज की प्रवृत्ति कोबल देना है। कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो यह भाजपा का एजेंडा है लेकिन मोदी प्रवृत्ति के खिलाफ लड़ने वालों का यह रवैया कि कांग्रेस खत्म हो जाए, यह गंभीर खतरा है।

शिवसेना ने कहा है कि यह कांग्रेस का दुर्भाग्य है कि जिन्होंनेजिंदगीभर कांग्रेस से सूख, चैन सत्ता प्राप्त किया वहीं लोग कांग्रेस का गला दबा रहे हैं। गुलाम नबी आजाद ने 2024 को लेकर कांग्रेस को श्राप दिया है। पार्टी का कहना है कि 2024 में कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में 100 का आकड़ा पार नहीं किया तो गेम चेंज होना संभव नहीं है। मजबूत विपक्षी गठबंधन के लिए यूपीए को मजबूत किया जाना जरुरी है। आम आदमी पार्टी भी खुद को बढ़ाने के लिए कांग्रेस को दबाना चाहती है। पार्टी ने तृणमुल कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता प्रशांत किशोर के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि दैविय अधिकार किसी को प्राप्त नहीं होता। राजनीतिक घराने और खानदान देखते ही देखते  ठह जाते हैं। 2024 में किसका भाग्य चमकेगा यह कहा नहीं जा सकता। पिछले दिनों प्रशांत किशोर ने कहा था कि कांग्रेस को विपक्ष का नेतृत्व करने का दैविय अधिकार नहीं मिला है। 

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