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लॉकडाउन पर बनी शार्ट फिल्म “चल गं आजीबाई टुनक टुनक” ने दिया अनोखा संदेश

लॉकडाउन पर बनी शार्ट फिल्म “चल गं आजीबाई टुनक टुनक” ने दिया अनोखा संदेश

डिजिटल डेस्क,नागपुर।  लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का संदेश देते हुए एक शार्ट फिल्म बनाई गई है। नागपुर के कलाकारों द्वारा बनाई गई इस फिल्म ने समाज के लिए अनोखा संदेश दिया है। लॉकडाउन में सभी को  घर पर रहकर ही सुरक्षित रहना है। लेकिन कई लोग इन नियमों का पालन नहीं कर रहे है। जिससे खतरा बढ़ता ही जा रहा है। इस पर नागपुर कट्‌टा प्रस्तुत “चल आजी बाई टुनक टुनक” 9 मिनिट की शॉर्ट फिल्म बनाई है। शॉर्ट फिल्म का लेखन देवेन्द्र दोडके तथा निर्देशन मिमिक्री आर्टिस्ट राजेश चिटणीस ने किया है। शॉर्ट फिल्म में आसावरी गडेकर, डॉ नरेश गडेकर, संजय भाकरे ,देवेन्द्र लुटे,विनोद काले,विरेन्द्र लाटणकर,विनोद देशपांडे ने अभिनय किया है। शॉर्ट फिल्म में संगीत अभिषेक बेल्लारवार ने दिया है। चल गं आजीबाई टुनक टुनक के गायक वीरेन्द्र लाटणकर है। आजीबाई की भूमिका कलाकार राजेश चिटणीस ने की है

आजीबाई की हो जाती है तबीयत खराब
शॉर्ट फिल्म में दिखाया गया है कि आजीबाई को अपनी बेटी से मिलने की इच्छा होती है। जिसमें वो स्पेशल पास निकालकर पैदल ही जंगल के रास्ते बेटी से मिलने जाती है। जब वो घर से बाहर निकलती है कि तो पुलिस वाले उसे रोकते हैं तो वो अपना पास दिखा देती है। आस-पड़ोस वाले भी आजाबाई को जाने से मना करते हैं,लेकिन वो निकल जाती है।  जैसे-तैसे जंगल के रास्ते से गुजरती है,तो शेर कहता है कि मैं तुझे खा जाऊंगा,तो वह कहती है कि मैं बेटी के घर से घी रोटी खाकर, हष्ट-पुष्ट होकर आउंगी तब तुम मुझे खाना। फिर सियार मिलता है तो वो उससे भी यही कहती है।

जैसे-तैसे वह बेटी के घर पहुंच जाती है तो बेटी मां को देखकर खुश हो जाती है,लेकिन वो मां से कहती है कि आखिर वो लॉकडाउन में यहां तक कैसे पहुंची। आजीबाई की अचानक तबीयत खराब लगती है,उसे बुखार,सर्दी और खांसी हो जाती है। उसे कोरोना के लक्षण समझ आ जाते हैं। वो बेटी को पास आने से भी मना कर देती है। बेटी को देखकर वापस निकलते समय कहती है कि मैं सबसे पहले पहुंचकर कोरोना टेस्ट करवाऊंगी,और 14 दिन के लिए क्वारंटाइन हो जाऊंगी। मैं स्वस्थ होकर तुझसे मिलने फिर आऊंगी। आजीबाई कहती है कि मुझे नियमों का पालन करना चाहिए। अगर मैं घर में रहती ,तो मुझे कोरोना नहीं होता

शेर कहता है कि जंगल बंदी कर दो
जब आजीबाई वापस आती है,तो शेर और सियार आजीबाई को खा जाने की बात करते हैं। आजीबाई कहती है कि मुझे मत खाओ,वरना तुम भी मर जाओगे। मुझे लगता है कि मैं कोरोना पॉजिटिव हूं। यह बात सुनकर शेर भी कहता है कि जंगल बंदी करवा दो। ताकि बाहर का व्यक्ति जंगल न आ पाए। इस तरह शॉर्ट फिल्म चल गं आजीबाई टुनक टुनक में संदेश दिया गया है,कि बिना कारण घर से बाहर न निकलें। कोरोना से बचने का एकमात्र उपाय है घर पर सुरक्षित रहना। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। अपने हाथ बार-बार धोएं।
 

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