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NMC के काम नहीं करने वाले अधिकारी और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस

NMC के काम नहीं करने वाले अधिकारी और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस

डिजिटल डेस्क, नागपुर। मनपा के कामचोर तथा अत्यावश्यक सेवा में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारी, कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के स्थायी समिति सभापति विजय झलके ने निर्देश दिए हैं। मनपा के डॉ. पंजाबराव देशमुख स्मृति सभागृह में स्थायी समिति की बैठक हुई। बैठक में विविध विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में डिप्टी सिग्नल परिसर में सीमेंट रोड के निर्माणकार्य में धांधली का मुद्दा उठाया गया। पिछले दो वर्ष से सीमेंट रोड का काम लड़खड़ा रहा है। ठेकेदार की लापरवाही से परिसर के नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ठेकेदार कंपनी अभी इंजीनियरिंग पर जवाबदेही तय कर उससे जुर्माना वसूल करने व  संबंधित कार्यकारी अभियंता बिसेन को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश सभापति झलके ने दिए है। धरमपेठ जोन के अत्यावश्यक सेवा में नियुक्त कुछ अधिकारी, कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए हैं। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने व लकड़गंज जोन में कनिष्ठ निरीक्षक को मस्टर पर मालवाहक जमादार दर्शाए जाने के मामले में जोन अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। मस्टर पर कनिष्ठ निरीक्षक का पद बदलने के मामले को गंभीरता से लेकर अतिरिक्त आयुक्त के माध्यम से गहन जांच-पड़ताल करने के निर्देश दिए गए हैं।
 
नदी स्वच्छता पर पिछले वर्ष की तुलना में आधे से भी कम खर्च

नदी स्वच्छता का सभापति ने जायजा लिया। अतिरिक्त आयुक्त राम जोशी ने समिति के सामने नदी सफाई अभियान की जानकारी प्रस्तुत की। इस वर्ष नदियों की साफ-सफाई में सरकारी मशीनरी और संस्थानों ने सहयोग किया है। ओसीडब्ल्यू, राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण, लोकनिर्माण विभाग, मेट्रो आदि का सहयोग रहा। सहयोगी सरकारी विभाग तथा संस्थानों से यंत्र सामग्री उपलब्ध कराए जाने पर केवल डीजल का खर्च मनपा की तिजोरी से करना पड़ा। मनपा के 10 टिप्पर, 10 जेसीबी, दो पोकलेन आदि का नदी स्वच्छता में उपयोग किए जाने से पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष आधे से भी कम खर्च होने का प्रशासन की ओर से जानकारी दी गई।

नगर रचना का राजस्व घटा
नगर रचना विभाग का जायजा लेने पर 1 जनवरी से अभी तक केवल 35 करोड़ रुपए राजस्व जमा होने की जानकारी सामने आई है, जबकि पिछले वर्ष 216 करोड़ रुपए जमा हुए थे। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष काफी कम राजस्व मिलने की विभाग के सहायक संचालक ने जानकारी दी। 1 जनवरी से इमारत निर्माण के लिए 664 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसमें से 242 प्रकरणों को मंजूरी दी गई है। 258 प्रकरण नामंजूर किए गए। 164 प्रकरणों में कार्यवाही लंबित रहने की जानकारी दी गई।

आयुक्त की गैरमौजूदगी पर नाराजगी
बारिश के मौसम में संभावित समस्या से निपटने के लिए गटर लाइन, बारिश के पानी की निकासी के लिए नालियां, चेंबर दुरुस्ती के लिए अभी तक प्रावधान नहीं किया गया है। इस संबंध में आयुक्त को बार-बार निवेदन करने के बाद भी प्रावधान नहीं करने और स्थायी समिति की बैठक में आयुक्त की अनुपस्थिति पर समिति ने तीव्र नाराजगी व्यक्त की। बैठक में प्रशासन की ओर से अतिरिक्त आयुक्त राम जोशी, उपायुक्त निर्भय जैन, निगम सचिव तथा उपायुक्त डॉ. रंजना लाड़े तथा समिति के सदस्य उपस्थित थे।
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।