दैनिक भास्कर हिंदी: "किफायती आवास न होने से शहर में बढ़ी झुग्गी-झोपड़ी'- मेश्राम

November 5th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर| शहर में सामान्यजन को सस्ते आवास उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। यही करण है कि झुग्गी-झोपड़ियां बढ़ रही हैं। गरीब मंहगे आवास खरीद नहीं पाता और वह झुग्गी में रहने को मजबूर है। यह विचार मनपा के सहायक आयुक्त व झोपडपट्टी मालकी पट्टा सेल के प्रमुख मिलिंद मेश्राम ने "पर्याप्त आवास व किफायती आवास' विषय पर युवा अर्बन संस्था द्वारा प्रेस क्लब में आयोजित चर्चासत्र में व्यक्त किए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों में महाडा के मुख्याधिकारी संजय भिमनवार, शहर विकास मंच के संयोजक अनिल वासनिक, आर्कीटेक्ट पारुल तिवारी तथा संस्था के नितीन मेश्राम उपस्थित थे। अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी रामलाल सोमकुंवर ने की। श्री मेश्राम ने कहा कि मंहगे प्लाट लेकर आवास बनाना सभी के लिए संभव नहीं था। इससे उन्होंने झोपड़पट्टी में अपने आवास बना लिए। सरकार अब उन्हें मालकी पट्टा देकर उनके आवास को सुरक्षा प्रदान कर रही है।

श्री भिमनवार ने सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना व महाडा के किफायती आवासों के बारे में जानकारी दी। संयोजक अनिल वासनिक ने कहा कि सरकार अपनी घोषणा वर्ष 2022 तक सभी को आवास योजना में गरीबों को किफायती आवास देने में अक्षम रही है। चर्चासत्र में आर्कीटेक्ट तिवारी व श्री मेश्राम ने भी अपने विचार व्यक्त किए। प्रस्तावना व संचालन नितीन मेश्राम ने किया। द्वितीय सत्र में शहर विकास मंच के संयोजक डा. दिलीप तांबटकर, राजकुमार वंजारी व विमल बुलबुले ने विचार रखे। आभार प्रदर्शन शैलेंद्र वासनिक ने किया। इस अवसर पर रामदास उईके, युवराज फुलझेले, उर्मिला बडगे, रेहाना बेगम, रूपाली ढोले, सुनीता ढवले, अश्विन पिल्लेवान, रंजना भगत, कुसुम गंभीर, लता वाघमारे, सीमा रामटेके, टी. एच. कोटांगले, दिलीप ढोक, कल्पना भालेराव, ज्योति वाघमारे, शैलेश गेडाम आदि उपस्थित थे। 

अधिक संपत्ति कर से नागरिक परेशान, सौंपा ज्ञापन
प्रभाग 22 के नागरिक घरों पर आए अत्यधिक कर से परेशान हैं। इसे घटाने तथा सही कर गणना के लिए दिए गए आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई नहीं हो रही है। इसके अलावा नामांनतरण में भी देर हो रही है, इससे क्षेत्र के नागरिक परेशान हैं। समाजसेवी विनोद इंगोरे के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने लकड़गंज जोन के सहायक आयुक्त जयदेव से मुलाकात की व सही कर निर्धारण शिघ्रातिशीघ्र कर नागरिकों को राहत देने की मांग की, साथ ही ज्ञापन सौंपा। शिष्टमंडल में किरण सुरसे, देवानंद उमरेडकर, दर्शन ढोके, बंटी दाबाडे, रामजी कुंभारे आदि शामिल थे।

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