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पाक के नापाक इरादों पर बेटे ने पानी फेरा, मुझे नाज है

पाक के नापाक इरादों पर बेटे ने पानी फेरा, मुझे नाज है

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  हम लोग तो अपने घर में दिवाली की तैयारी में जुटे थे। अचानक खबर आई कि जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में मेरा बेटा भूषण (28) शहीद हो गया। हमारे लिए यह कठिन समय है, लेकिन गर्व हो रहा है। मेरे बेटे ने पाक के नापाक इरादों पर पानी फेर दिया। मुझे अपने बेटे पर नाज है। पाकिस्तानी सेना को मुंहतोड़ जवाब देकर मेरे बेटे और उसके साथियों ने सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। देश की रक्षा करते-करते मेरे बेटे को शहादत मिली है। मुझे नाज है। जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में शहीद हुए काटोल के  भूषण सतई के पिता रमेश सतई बस इतना भर कहकर खामोश हो जाते हैं।

जवान बेटे के खोने का गम उनकी आंखों से निकलते आंसू साफ बयां कर रहे हैं। काटोल के फैलपुरा स्थित आवास पर शहीद का पार्थिव पहुंचा तो पूरा इलाका नारों से गूंजने लगा। अमर रहे-अमर रहे, शहीद  भूषण अमर रहे के नारे खूब लगे। फैलपुरा के लाल को अंतिम विदाई देने लोग उमड़ पड़े। धवड ले-आउट घाट पर शासकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि हुई। वे 6 मराठा बटालियन में भर्ती हुए थे। भूषण ने दक्षिण अफ्रीका में रॉकेट लाॅन्चर सहित अन्य सैन्य गतिविधियों का विशेष प्रशिक्षण लिया था।

अंत्येष्टि से पूर्व रूट मार्च
अंत्येष्टि से पूर्व शहरभर में रूट मार्च के साथ उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। गृहमंत्री अनिल देशमुख, पशुसंवर्धन मंत्री सुनील केदार, सांसद कृपाल तुमाने, राज्यसभा सांसद डा. विकास महात्मे, जिला परिषद अध्यक्ष रश्मि बर्वे, उपाध्यक्ष मनोहर कुंभारे, पूर्व ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, किशोर कुमेरिया, काटोल नगर परिषद के सत्तापक्ष गट नेता चरणसिंह ठाकुर, नगराध्यक्ष वैशाली ठाकुर, पूर्व नगराध्यक्ष राहुल देशमुख, जिला परिषद पूर्व शिक्षा सभापति उकेश चौहान, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, उपविभागीय अधिकारी, उपविभागीय पुलिस अधिकारी, तहसीलदार आदि उपस्थित थे। गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कामठी के गार्ड्स रेजिमेंटल सेंटर में शहीद जवान को श्रद्धांजलि देकर अंतिम यात्रा में काटोल स्थित उनके निवास स्थान पहुंचे और परिजनों  को सांत्वना दी।

भाई दूज पर तिरंगा में लिपटा आया मेरा भाई
मैं बहुत भाग्यशाली हूं। मेरा भाई भाई दूज के दिन तिरंगे में लिपटा हमसे मिलने आया है। देशभक्ति का इससे बड़ा उपहार क्या हो सकता है। अब प्रधानमंत्री और सेना के भाइयों से बस इतनी गुजारिश है कि पाकिस्तान को हर हाल में सबक सिखाया जाए।  -कुमारी सरिता, बहन

भाई का सपना पूरा करूंगा
भाई भूषण सदैव हमारे उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रयासरत थे। उच्च शिक्षा के लिए लगातार वह मुझे मोटिवेट करते रहते थे। मैं उनका सपना पूरा करूंगा। -रोशन सतई, छोटा भाई

छुट्टी पर आने वाला था
मेरा भूषण हमसे मिलने आया है। इसकी मुझे उम्मीद नहीं थी। वह अपने पूरे परिवार का ख्याल रखता था। वह छुट्टी पर आने वाला था। बहन  तथा छोटे भाई के भविष्य को लेकर वह सचेत रहता था। -मीरा सतई, माता 

गार्ड रेजिमेंट सेंटर के परेड ग्राउंड में सलामी
सीमा पर शहीद हुए काटोल के शहीद भूषण का पार्थिव 15 नवंबर की रात 8 बजे वायुसेना के विशेष विमान से सोनेगांव लाया गया। यहां से रात करीब आठ बजे कामठी स्थित सैन्य अस्पताल पार्थिव लाया गया। सोमवार को गार्ड्स रेजिमेंट सेंटर के परेड ग्राउंड में शहीद स्मारक पर ब्रिगेडियर दीपक शर्मा, गृहमंत्री अनिल देशमुख, पालकमंत्री नितीन राऊत, परिमंडल-5 के डीसीपी निलोत्पल, जूना पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक विजय मालचे आदि ने सलामी दी। यहां से सुबह 8 बजे पार्थिव काटोल ले जाया गया।
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।