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स्टार्टअप में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने विशेष कक्ष

स्टार्टअप में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने विशेष कक्ष

डिजिटल डेस्क, मुंबई। स्टार्टअप के क्षेत्र में महिलाओं को आगे लाने के लिए राज्य के कौशल्य विकास विभाग ने महिलाओं के लिए विशेष कक्ष तैयार किया है। फिलहाल स्टार्टअप में पुरुषों का वर्चस्व है। नए-नए आईडिए के लिए 80 फीसदी आवेदन पुरुषों की तरफ से आते हैं, अभी महिलाओं की भागीदारी सिर्फ 20 फीसदी है। सरकार उद्योग-धंधे के क्षेत्र में भी आधी आबादी की भागीदारी बढ़ना चाहती है।  महाराष्ट्र राज्य कौशल्य विकास सोसाईटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) दीपेंद्र सिंह कुशवाह ने ‘दैनिक भास्कर’ को बताया कि पिछले दिनों इसके लिए शासनादेश जारी किया गया है। स्टार्टअप में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए श्री सिंह की अध्यक्षता में एक विशेष कक्ष गठित किया गया है।

 उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि उद्योग के क्षेत्र में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़े। वर्ष 20219-2020 में स्टार्ट अप के मामले में महाराष्ट्र दूसरे  क्रमांक पर था। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में हर साल स्टार्टअप सप्ताह मनाया जाता है। इस बार खास तौर से महिलाओं के लिए स्टार्टअप सप्ताह आयोजित किया जाएगा। स्टार्टअप सप्ताह के दौरान आवेदनकर्ताओं के चयन के बाद प्रजेंटेशन के लिए बुलाया जाता है। हर साल 24 स्टार्टअप का चयन किया जाता है। इन्हें विभाग की तरफ से  15-15 लाख का वर्क आर्डर मिलता है। महिला उद्यमियों द्वारा विकसित स्टार्टअप को गति देने के लिए एक्सलरेटर उपक्रम को लागू किया जाएगा। कालेजों में छात्राओं के लिए ‘उद्योगजकता क्लब’ स्थापित किए जाएंगे। 2011 की जनगणना के अनुसार महाराष्ट्र में महिलाओं की संख्या 45 फीसदी है। जबकि देश में महिला उद्योगपति 14 फीसदी हैं।   
 
वर्चुअल रियलिटी से आईटीआई में पढ़ाई
स्टार्टअप के तहत राज्य के आईटीआई संस्थानों में अब वीआर यानी वर्चुअल रियलिटी का इस्तेमाल प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा। फिलहाल राज्य के 15 आईटीआई में प्रयोग के तौर पर यह शुरु किया जा रहा है। कौशल्य विकास सोसाईटी के सीईओ दीपेंद्र सिंह ने बताया कि वीआर के तहत वेल्डिंग और पेंटिंग सेमुलेटर तैयार किए गए हैं। इस तकनीक से पैसों की भी बचत होगी। पेंटिंग सेमूलेटर के लिए जहां 20 लाख रुपए खर्च करने पड़ते हैं वहीं वीआर से यह कार्य 40 हजार रुपयों में हो सकेगा। 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।