दैनिक भास्कर हिंदी: यूपी में बदमाश विकास दुबे के मारे जाने पर महाराष्ट्र में भी बयानबाजी

July 10th, 2020

डिजिटल डेस्क, मुंबई।  वंचित बहुजन आघाडी के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने कहा है कि कानपुर के कुख्यात अपराधी विकास दुबे का एनकाउंटर कुछ लोगों को बचाने के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि दुबे के एनकाउंटर के कारण मुखबिरी करने वाले पुलिस के वरिष्ठ लोगों का पता नहीं चल पाएगा। पुलिस ने दुबे का गलत तरीके से एनकाउंटर किया है। शुक्रवार को आंबेडकर ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मातोश्री में मुलाकात की।

सुतार, कुंभार, लोहार का काम करने वालों को मिले अनुदान
पत्रकारों से बातचीत में आंबेडकर ने कहा कि कोरोना संकट के कारण सुतार, कुंभार और लोहार जैसे घटकों का बड़ा नुकसान हुआ है। ऐसे लोगों को बैंक भी मदद नहीं कर रही है। इसलिए मैंने मुख्यमंत्री से लाइसेंस धारी सुतार, कुंभार और लोहार जैसे लोगों को जिलाधिकारी के माध्यम से 50 हजार रुपए का अनुदान देने की मांग की है। इससे सरकार की तिजोरी पर 20 से 25 करोड़ रुपए का भार पड़ेगा। लेकिन समाज के 16 से 17 लाख लोगों को बड़ी मदद मिल सकेगी। आंबेडकर ने कहा कि मुख्यमंत्री से तालाब, मध्यम और सुक्ष्म जलाशयों में मुछआरों को मछली पकड़ने के लिए नीलामी पद्धति न अपनाने की मांग की है। इसके बजाय मुछआरों की सहकारी संस्थाओं को मछली पकड़ने का अधिकार दिया जाना चाहिए। अगर सरकार ने यह फैसला लिया तो सरकार को 25 से 30 लाख मछुआरों को आर्थिक मदद की जरूरत नहीं पड़ेगी। मछुआरे अपना जीवनयापन खुद कर सकेंगे। आंबेडकर ने कहा कि भारतरत्न डॉ. बाबासाहब आंबेडकर के आवास राजगृह में हुई तोड़फोड़ की घटना में पुलिस ने संदिग्ध आरोपी को गिरफ्तार किया है। मुझे पुलिस हर दिन कार्रवाई के बारे में बताती है। उम्मीद है कि इस मामले को जल्द सुलझा लिया जाएगा

शिवसेना ने किया विकास दुबे एनकाउंटर का समर्थन
 हर बात के लिए भाजपा की आलोचना करने वाली शिवसेना कानपुर हत्याकांड के मुख्य आरोपी और कुख्यात बदमाश विकास दुबे के एनकाउंटर का समर्थन करते हुए  मुठभेड़ पर सवाल  खड़े करने वालों को आड़े हाथ लिया है। शिवसेना नेता संजय राउत  शुक्रवार को  कहा कि यूपी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल ना उठाए जाएं। जिन गुंडों ने पुलिस की हत्या की उनपर सवाल उठना चाहिए, पुलिस पर नहीं।  उन्होंने कहा कि विकास दुबे का एनकाउंटर कानून व्यवस्था बनाये रखने का मामला था। यह पूछे जाने पर की विकास दुबे के मारे जाने से उसको संरक्षण देने वाले कुछ सफेदपोश बच गए हैं? राऊत ने राऊत ने कहा है कि मैं ऐसा नहीं समझता। पुलिस वालों ने अपने साथियों की मौत का बदला लिया है। 

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