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हर घर में बनती है मूर्तियां, बचपन से ही नन्हें हाथ करने लगते हैं साकार

हर घर में बनती है मूर्तियां, बचपन से ही नन्हें हाथ करने लगते हैं साकार

डिजिटल डेस्क, नागपुर। दिवाली के त्योहार पर लक्ष्मी-गणेश जी की पूजा की जाती है। लक्ष्मी माता को सुशोभित करने का काम कुम्हारपुरा की "लक्ष्मियां' कर रही हैं। कुम्हारपुरा में 30-35 परिवार हैं। हर घर में लगभग 1500 गणेश और 2000 लक्ष्मी जी की मूर्तियां बनाती हैं। इसमें खास बात यह है कि मां लक्ष्मी की मूर्ति बनाने में महिलाओं की खास रुचि है। इन परिवारों की बेटियां बचपन से ही मूर्ति बनाने के काम में जुट जाती हैं।

छोटी उम्र से ही बन जाती हैं कलाकार
हमारे परिवार में मूर्ति बनाने का पुश्तैनी कारोेबार है। जब से मेरी शादी हुई, तब से मैं भी मूर्ति बनाने के कारोबार में जुट गई। कोरोना के कारण पहली बार ऐसा हुआ है कि कम मूर्तियां बनी हैं। दिवाली पर घर की महिलाओं ने मां लक्ष्मी की मूर्तियां बनाई हैं। इसमें हमारी बच्ची खुशी भी साथ देती है। घर के बच्चे परिवार के अन्य सदस्यों को काम करते देखते हैं और सीख जाते हैं। 6 से 12 इंच तक की मूर्तियां हमलोग बनाते हैं। जब मूर्ति बनकर तैयार होती है, तब बहुत खुशी होती है।   -रीता प्रजापति, मूर्तिकार

कोई हाथ से, तो कोई सांचे से तैयार करता है
वैसे तो हमारी कोशिश होती है कि हाथ से ही मूर्ति तैयार करें। कई बार समय कम होने से मूर्ति के सांचे से भी मूर्तियां तैयार करते हैं। कुम्हरापुरा के हर परिवार की महिलाएं मूर्तियां बनाती हैं। दशहरा के समय मां दुर्गा की बड़ी-बड़ी मूर्तियां भी बनाते हैं। इस वर्ष दशहरा में ज्यादा मूर्तियां नहीं थीं। साथ ही, उनका साइज भी छोटा था। हम मिट्टी की ही मूर्तियां बनाते हैं। हमारे परिवार की छोटी बच्चियां भी मूर्ति बनाने में साथ देती हैं, लेकिन हम उन्हें इसके लिए जबरदस्ती नहीं करते है। ज्यादा से ज्यादा ध्यान उनकी पढ़ाई में देते हैं। दीवाली के लिए मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्तियां बनकर तैयार हो गई हैं। लगभग हर घर में गणेश-लक्ष्मी जी की पूजा होती है। इस वर्ष कोरोना के चलते छोटी मूर्तियों पर फोकस किया है।    -श्यामा प्रजापति, मूर्तिकार
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।