दैनिक भास्कर हिंदी: पेट की आग ने बनाया लुटेरा, कुछ खाने नहीं मिला तो दूध लेकर हुए फरार

June 16th, 2020

डिजिटल डेस्क, नागपुर। अजनी क्षेत्र में अजीबोगरीब वारदात हुई है। तीन युवक विदर्भ हाउसिंग बोर्ड वंजारी नगर में शासकीय दूध डिपो के बिक्री स्टाॅल पर पहुंचे। वहां उन्होंने नकदी को हाथ तक नहीं लगाया और 10 लीटर दूध लूटकर फरार हो गए। अजनी थाने में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने करीब 50 संदिग्धों से पूछताछ की। उसके बाद तीनों आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली। गिरफ्तार आरोपियों में अभिजीत महेश ढोके (21) गौरव ब्रिज, नारायण पांडे (22) न्यू बाबुलखेड़ा, और कुशल गणेश सरणकर (20) अजनी रेलवे क्वार्टर निवासी शामिल हैं।

भूख ने बनाया लुटेरा
लूट करने वाले गिरफ्तार तीनों युवकों का इसके पहले अपराध का कोई रिकार्ड नहीं है। उन्होंने भूख लगने पर दूध की लूटपाट करने की बात पुलिस को बताई। दूध लूटने के बाद तीनों ने दूध पीकर अपनी भूख शांत कर ली। वे नाश्ता करने तड़के एक्टिवा पर निकले, लेकिन लॉकडाउन के कारण नाश्ता नहीं मिला, तो वह शासकीय दूध डेयरी के बिक्री स्टाॅल पर पहुंचे और 10 लीटर दूध लूटकर फरार हो गए। अजनी के वरिष्ठ थानेदार संतोष खांडेकर का कहना है कि कारण भले ही मामूली लग रहा है, लेकिन उन्होंने जो हरकत की, वह गलत है। उनके हाथ में नकली बंदूक थी, वह असली होती, तो कोई भी अनहोनी हो सकती थी।

यह था मामला
पुलिस के अनुसार प्लाॅट नंबर 21 विश्वकर्मा नगर निवासी 60 वर्षीय रामकृष्ण लक्ष्मण शेलके 11 जून को अपने दूध बिक्री स्टाॅल पर गए थे। आरोप है कि तड़के करीब 4 बजे वाहन से दूध के कैरेट उतार रहे थे, तभी वहां एक्टिवा वाहन (एमएच 49- 8340) से अभिजीत ढोके, गौरव पांडे और कुशल सरणकर पहुंचे। ये तीनों वहां रुककर आपस में बातचीत करने लगे। उन्होंने आपस में ही कहा- "निकाल रे अपनी बंदूक अभी एक का गेम बजाते हैं, इसका भी गेम बजाते हैं'। इतने में तीनों में से एक ने बंदूक निकालने का नाटक करते हुए रामकृष्ण की ओर दौड़ पड़ा। रामकृष्ण घबरा गए। उन्हें डरता देखकर तीनों स्टॉल से 10 लीटर दूध लेकर फरार हो गए। दूध की कीमत करीब 400 रुपए बताई गई।

आरटीओ से ली जानकारी
आश्चर्यजनक बात तो यह थी कि स्टॉल पर दूध के हजारों रुपए कैश बॉक्स में पड़े थे। तीनों ने उस रकम को हाथ तक नहीं लगाया। सिर्फ 10 लीटर दूध लेकर फरार हो गए। घटना के बाद रामकृष्ण ने अजनी थाने में शिकायत की। लुटेरों के पास बंदूक होने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। उसके बाद आरोपियों की खोजबीन शुरू की गई। पुलिस के पास लुटेरों को पकड़ने का सिर्फ एक सुराग था। वह सुराग स्टॉल के कर्मचारी रामकृष्ण शेलके के पास था। शेलके को उस एक्टिवा का नंबर 8340 याद था। उस नंबर की सारी डिटेल पुलिस ने आरटीओ से हासिल किए। आरटीओ से पुलिस को 50 लोगों की सूची मिली, जिन्हें पुलिस ने थाने में बुला-बुलाकर एक-एक से पूछताछ की। आखिरकार पुलिस ने आरोपी अभिजीत ढोके, गौरव पांडे और कुशल सरणकर को खोज निकाला। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। अजनी पुलिस ने तीनों आरोपियों पर लूटपाट का मामला दर्ज किया है।
 

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