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टेंशन मुक्त करने के लिए विद्यार्थियों की होगी काउंसलिंग

टेंशन मुक्त करने के लिए विद्यार्थियों की होगी काउंसलिंग

डिजिटल डेस्क, नागपुर। लॉकडाउन में बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं ने सबको झकझोर कर रख दिया है। खास बात यह है कि छोटी सी बात पर युवा और किशोर जान दे रहे हैं। इन्हीं घटनाओं को देखते हुए राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय ने सराहनीय पहल की है। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों, महाविद्यालयों के विद्यार्थियों की काउंसलिंग की तैयारी है। इसके लिए शिक्षकों को ही तैयार किया जाएगा। प्रशिक्षण लेकर शिक्षक ही काउंसलर की भूमिका में होंगे। इसके लिए पहले चरण में विश्वविद्यालय के 100 शिक्षकों को प्रशिक्षित करने की तैयारी है।  प्रत्येक महाविद्यालय से एक शिक्षक को बतौर काउंसलर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए हर कॉलेज से एक शिक्षक का चयन होगा। इन शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस योजना को लागू करने के लिए विवि ने अपने मानव संसाधन विकास केंद्र संचालक डॉ. सी.जी. डेठे के नेतृत्व में समिति का भी गठन किया है।

गोपनीय रखी जाएगी जानकारी
शिक्षकों को विद्यार्थियों की मुख्य समस्याओं को समझने और हल करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। शिक्षक काउंसलिंग कोड का पूरा पालन करेंगे। विद्यार्थियों की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। यह देखने मंे आया है कि विद्यार्थियों में सबसे ज्यादा  तनाव, असुरक्षा, पारिवारिक समस्या, प्रेम प्रकरण, नशा, भय जैसी समस्याएं होती हैं। यही समस्याएं उन्हें आगे घातक कदम उठाने को मजबूर करती हैं।

सुविधा का बढ़ा दायरा, मिलेगा लाभ
अब तक काउंसलिंग की सुविधा इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और फार्मेसी कॉलेजों तक ही सीमित थी। पारंपरिक पाठ्यक्रमों के इक्का-दुक्का महाविद्यालयों में ही काउंसलर नियुक्त किए गए थे। लॉकडाउन में ऐसे कई मामले आए, जिसने मानसिक स्वास्थ्य की अहमियत समझाई है। ऐसे में नागपुर विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलगुरु डॉ. मुरलीधर चांदेकर और प्रभारी प्रकुलगुरु डॉ. एस.आर. चौधरी ने इस तरह की पहल की है। 

विद्यार्थियों को पड़ती है काउंसलिंग की जरूरत
कॉलेज स्तरीय विद्यार्थियों में कई प्रकार की समस्याएं होती हैं। ऐसे में अंडर ग्रेजुएशन से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन तक के सभी विद्यार्थियों को काउंसलिंग की जरूरत पड़ती है।  -डॉ. एस.आर. चौधरी, प्रभारी प्रकुलगुरु, नागपुर विश्वविद्यालय

सेल्फ प्रेजेंटेशन और संवाद के गुर सीखेंगे
विवि ने अपने ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए पर्सनालिटी डेवलपमेंट प्रोगाम भी शुरू किया है। इसके लिए बाकायदा 145 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है। ये शिक्षक अपने-अपने कॉलेज के विद्यार्थियों को संवाद और सेल्फ प्रेजेंटेशन के गुर सिखाएंगे। इंटरव्यू में कैसे जवाब देना है, स्टेज पर जाने के पहले होने वाले भय को कैसे दूर करना है, कैसे अपनी बात को प्रभावी तरीके से रखना है और कैसे स्वयं को प्रेजेंटेबल बनाना है, आदि बिंदुओं पर छात्र-छात्राओं को टिप्स दिए जाएंगे। यह सब कुछ पर्सनालिटी डेवलपमेंट प्रोग्राम का हिस्सा होगा।
 

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