दैनिक भास्कर हिंदी: नागपुर में करें 10 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति

April 20th, 2021

डिजिटल डेस्क, नागपुर। बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने सोमवार को राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि वह फौरन नागपुर शहर को 10 हजार  रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति करे। शहर में रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। इनकी कालाबाजारी तक होने लगी है। इसी समस्या पर डॉ. शिशिर रामचंद्र कोल्हे ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर करके यह मुद्दा उठाया। सोमवार को न्या. सुनील शुक्रे और न्या. श्रीराम मोडक की खंडपीठ ने तत्काल सुनवाई लेकर राज्य सरकार को गुरुवार रात 8 बजे तक रेमडेसिविर आपूर्ति करने को कहा है। हाईकोर्ट ने नागपुर पुलिस आयुक्त को अस्पतालों और फॉर्मेसियों के बाहर विशेष सुरक्षा प्रबंध करने के आदेश दिए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना पर अंकुश लगाया जा सके।

राज्य सरकार पर पक्षपात का आरोप : उल्लेखनीय है कि शहर में कोरोना संक्रमण अपना उग्र रूप दिखा रहा है। ऑक्सीजन, बेड, जीवनावश्यक दवाएं कम पड़ने लगी हैं। इसी मुद्दे पर नागपुर खंडपीठ सू-मोटो जनहित याचिका पर लगातार सुनवाई ले रहा है। इसी जनहित याचिका में डॉ. कोल्हे की अर्जी भी जोड़ी गई है। सुनवाई के दौरान अर्जदार के वकील तुषार मंडलेकर ने कोर्ट में राज्य सरकार पर पक्षपाती रवैया अपनाते हुए नागपुर की ओर अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंनें बताया कि 13 से 18 अप्रैल के बीच नागपुर में रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति ठप पड़ी थी। इससे यही लगता है कि राज्य सरकार नागपुर में बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर गंभीर नहीं है। 

कोविड बेड के अनुपात में काफी कम इंजेक्शन : एक ओर जहां ठाणे में 16 अप्रैल को 2664 कोविड बेड के अनुपात में 5348 इंजेक्शन उपलब्ध थे। इसके अनुसार वहां पर एक कोरोना मरीज के लिए दो रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए थे। ठीक इसी दिन नागपुर में 8250 कोविड बेड पर महज 3326 रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध थे। राज्य सरकार का प्रोटोकॉल स्वयं यही कहता है कि प्रत्येक मरीज के लिए 6 रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरूरत है। एड. श्रीरंग भंडारकर इस मामले में न्यायालयीन मित्र की भूमिका में हैं।