दैनिक भास्कर हिंदी: नागपुर के सुरेश भट सभागृह की आमदनी कम और खर्चा ज्यादा

September 25th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। आमदनी कम और खर्चा ज्यादा, यह कहावत उपराजधानी के सुरेश भट सभागृह पर फिट बैठ रही है, यहां आमदनी से कहीं ज्यादा खर्च हो गया है। 76 करोड़ 19 लाख की लागत से बने कविवर्य सुरेश भट सभागृह से मनपा को अब तक 88 लाख 23 हजार 723 रुपए की आय हुई, जबकि इस पर मेंटेनंस के नाम पर अब तक 94 लाख 50 हजार रुपए खर्च होने का खुलासा RTI में हुआ है। सबसे हाईटेक और सुविधाजनक सभागृह में शुमार कविवर्य भट सभागृह मनपा के लिए घाटे का साबित हो रहा है। 

RTI में मिली जानकारी
कविवर्य सुरेश भट सभागृह के निर्माण का बजट 62 करोड़ 93 लाख का था, जो बढ़कर 76 करोड़ 19 लाख हो गया। सभागृह का निर्माण कार्य 31 जुलाई 2017 को पूरा हुआ आैर उसके बाद से इसे किराए से दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने इसका निर्माण किया है। नवंबर 2017 से सितंबर 2018 तक मनपा ने किराए के तौर पर विविध लोगों व संस्थाआें से कुल 95 लाख 35 हजार 774 रुपए वसूल किए। जिसमें से 7 लाख 12 हजार 51 रुपए जीएसटी के रूप में स्टेट जीएसटी विभाग को दिए गए। जीएसटी जाने के बाद मनपा की तिजोरी में 88 लाख 23 हजार 723 रुपए आए, जबकि इसके मेंटेनंस पर अब तक 94 लाख 50 हजार खर्च हुए। सभागृह में 1300, 1578 व 1988 लोगों के बैठने की क्षमता है। कवि वर्य सुरेश भट सभागृह का किराया शनिवार शाम को व छुट्टी के दिन बढ़ जाता है। निजी स्कूलों व चैरिटेबल ट्रस्ट के समाज हित में होनेवाले कार्यक्रम के लिए यहां कम शुल्क लिया जाता है। 

सरकारी कार्यक्रम निशुल्क
यहां सरकार के विविध विभागों के कार्यक्रम निशुल्क होते है। विभागीय आयुक्तालय, मनपा, शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग, मनपा स्वास्थ्य विभाग, महानिर्मिति, महामेट्रो आदि के कार्यक्रम यहां निशुल्क हो चुके हैं। 

मुफ्त के कार्यक्रम बंद हो आैर आय बढ़ाने पर ध्यान दें
RTI एक्टिविस्ट अभय कोलारकर का कहना है कि मुफ्त के कार्यक्रम बंद होने चाहिए। मनपा ने आय बढ़ाने पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान देना चाहिए। मनपा की आर्थिक स्थित बेहद खराब है। कई बार जरूरी काम भी मनपा निधि के अभाव में कर नहीं पाती। शुरुआती दौर में आय कम आैर खर्च ज्यादा यह अच्छा संकेत नहीं है। सरकार के विविध विभागों के यहां कार्यक्रम होते है। सभी सरकारी विभागों को मुफ्त में सभागृह देना भी ठीक नहीं है। इनसे वाजिब शुल्क लेना चाहिए, ताकि मनपा की तिजोरी पर बोझा न पड़े। 

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