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नागपुर : कोरोनाकाल में वर्दीवालों का टैलेंट आया सामने

नागपुर : कोरोनाकाल में वर्दीवालों का टैलेंट आया सामने

डिजिटल डेस्क, नागपुर। कोरोना महामारी में फ्रंंटलाइन वर्कर्स के रूप में महाराष्ट्र पुलिस की भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता। नागपुर सहित राज्य के अन्य शहरों में पुलिस का योगदान सराहनीय रहा है। कोरोनाकाल में लगातार ड्यूटी की वजह से पुलिस वाले भी तनाव से अछूते नहीं रह सके हैं। बीच-बीच में उनका भी स्वास्थ्य प्रभावित होता है। ऐसी विषम परिस्थिति के बीच तनाव से राहत दिलाने का बहाना नागपुर की "कलादालन' संस्था ने ढूंढा। 

पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से गायन, वादन, कहानी लेखन, कविता लेखन में हाथ आजमाने वालों से उनके वीडियो और लेखन सामग्री मंगाए गए। इसमें नागपुर के 25 सहित पूरे महाराष्ट्र से 300 पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान एक से बढ़कर एक वीडियो और कविता, कहानी सामने आए। वर्दी के पीछे छुपे हुनर को बाहर निकाला गया।

प्रतिभागियों को दिया जाएगा प्रमाण पत्र
"कलादालन' संस्था की माधवी पांडे ने बताया कि जो भी वीडियो व अन्य सामग्रियां मिलीं, उससे प्रतिभाओं की जानकारी मिली। प्रतियोगिता में 300 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसमें से 250 वीडियो को चुना गया। कुल 1700 वीडियो मिले थे। प्रोग्राम का फाइनल ऑनलाइन किया गया। इसमें 10 विजेता चुने गए। कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी देने की योजना है। बकौल माधवी, कार्यक्रम को  प्रशांत वलवीकर ने डिजाइन किया है। सहसंयोजन डॉ. सुनील फुडके, नीता केलारकर का है। निर्णायक की भूमिका में विजय जथे और सारंग जोशी थे। प्रमुख रूप से कुमार शुगानी और ज्योत्सना बनर्जी को आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में "कलादालन' की उपाध्यक्ष अनुष्का काले का योगदान रहा।

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