दैनिक भास्कर हिंदी: इनकम टैक्स बचाने दी गलत जानकारी,अब हो गए वेतन के लाले

March 30th, 2019

डिजिटल डेस्क,सिंगरौली (वैढन)। वैढन ब्लॉक क्षेत्र में कार्यरत शासकीय स्कूलों के शिक्षकों के फरवरी माह के वेतन पर संकट गहराता जा रहा है। होली के पहले से वेतन का इंतजार कर रहे शिक्षकों को लगा था कि भले देर हो गई, अब शायद होली के बाद जल्दी ही वेतन मिल जायेगा, लेकिन जो हालात बन रहे हैं उससे शिक्षकों को यह डर लगने लगा है कि शायद उनके फरवरी माह का वेतन अप्रेल तक न खिसक जाए। दरअसल, वेतन में लेटलतीफी की वजह यह है कि मार्च क्लोजिंग के चलते शिक्षकों को अपने इनकम टैक्स से संबंधित जानकारी देनी थी, जिसमें कई शिक्षकों ने इनकम टैक्स में छूट पाने के चक्कर में गलत जानकारी दे दी। जिनकी जानकारियां गलत थीं, उसमें सुधार कराया जाने लगा और इसी के चक्कर में वेतन में भी लेटलतीफी का सिलसिला बना रहा। एक जानकारी के मुताबिक इस समस्या से वैढन ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत के करीब सभी संकुलों के करीब डेढ़ सौ शैक्षणिक स्टाफ फरवरी माह के वेतन से अभी तक वंचित है। इसमें सहायक शिक्षक, शिक्षक, प्राधानाध्यापक, व्याख्याता व प्राचार्य शामिल बताये जा रहे हैं।

प्राचार्यों ने की लेटलतीफी
प्राचार्यों ने शुरूआत से गंभीरता से नहीं लिया और गलत दी गई इनकम टैक्स की जानकारी को दुरूस्त करने में लेटलतीफी होती रही। इन स्थितियों के कारण शुक्रवार को ब्लॉक के शिक्षकों में यह बात भी फैल गई कि शुक्रवार को वेतन का बजट लैप्स हो गया है और उनका वेतन अब अगले माह आने वाले नये बजट में मिलेगा। जिससे सभी में रोष की स्थिति बनी रही।
डीईओ कर रहे शिकायत का इंतजार
हैरान करने वाली बात यह है कि इस समस्या को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी बृजेश मिश्रा का भी रवैया उदासीन करने वाला बना हुआ है। उनका कहना है कि उन्हें इस विषय में कोई जानकारी ही नहीं है और न इस संबंध में उनके पास कोई शिकायत आयी है। जबकि जिले में स्कूल शिक्षा संबंधी जिम्मेदारी उन्हीं के पास है और मामला मुख्यालय वैढऩ क्षेत्र का है। ऐसे में अगर उनके पास इस समस्या की शिकायत नहीं पहुंची, तो अपने स्तर से क्या वह रोजाना विभागीय गतिविधियों की जानकारी नहीं लेते ।
इनका कहना है
शिक्षकों का वेतन निकला कि नहीं, इसकी जानकारी तो डीडीओ ही दे सकते हैं, लेकिन अभी बजट लैप्स नहीं हुआ है और 31 मार्च तक बजट रहेगा।
- आनंद पटले, ट्रेजरी ऑफिसर