स्वास्थ्य को खतरा: प्रदूषित हो चुकी है नागपुर जिले की हवा

December 4th, 2021

डिजिटल डेस्क, नागपुर। नागपुर जिले की हवा प्रदूषित हो चुकी है। अमेरिकी उपग्रह ने जिले की हवा की जो गणना की है, उसके मुताबिक एक्यूआई 101 से 151 है। इसलिए प्रदूषण निर्देशांक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया जा रहा है। जिले में प्रदूषण कम करने के लिए 3 एक्शन प्लान तैयार किए गए थे, लेकिन इस पर अभी तक अमल नहीं हुआ है। यही कारण है कि जिले का प्रदूषण नियंत्रण में नहीं है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल की शहर में मशीनें लगी हैं, जो प्रदूषण की गणना करती हैं। मंडल की वेबसाइट पर आने वाले डेटा की मॉनिटरिंग करने का काम राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल का है, लेकिन साइट पर कई महीने से वायु प्रदूषण निर्देशांक (एक्यूआई) उपलब्ध नहीं है। डेटा की जगह एनए लिखकर आता है। 

कोरोना के कारण प्लान पर अमल नहीं
वायु प्रदूषण की गणना करने के बाद इसे वेबसाइट पर डालना जरूरी है, ताकि लोगों को पता चल सके कि नागपुर की हवा कितनी प्रदूषित है या अच्छी है। नागपुर में प्रदूषण नियंत्रण मंडल का रिजनल ऑफिस है। पिछले कई महीने से साइट पर नागपुर का प्रदूषण संबंधी डाटा डाला नहीं जा रहा है, जबकि हर दिन डाटा डालना जरूरी है। यहां लगी मशीनें बंद हैं या चालू हैं, हर दिन डाटा क्यों नहीं डाला जा रहा है, इस ओर विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि  कोरोना के कारण एक्शन प्लान पर अमल नहीं हो सका है। 

प्रदूषण दूर करने नहीं हुए ठोस उपाय
केंद्र सरकार ने वायु प्रदूषण दूर करने 3 एक्शन प्लान तैयार कर उस पर अमल करने के निर्देश दिए थे, लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया गया। प्रदूषण दूर करने के लिए कोई ठोस उपाय भी नहीं किए गए। पिछले कई महीने से साइट पर डाटा उपलब्ध नहीं है। डेटा अपडेट रखने का काम रीजनल ऑफिस  का है। शहर में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन तो है, पर हर दिन प्रदूषण की गणना नहीं हो रही। 
-प्रा. सुरेेश चोपणे, अध्यक्ष ग्रीन प्लैनेट सोसायटी

तुरंत जवाब नहीं दे सकता
जिले की हवा प्रदूषित है या नहीं, यह अभी नहीं बता सकता। वायु प्रदूषण निर्देशांक (एक्यूआई) की गणना पर भी तुरंत जवाब नहीं दे सकता। वेबसाइट पर भले ही एनए (नॉट अवेलेबल) हो, लेकिन मशीनें काम कर रही हैं। एक्शन प्लान पर क्या अमल हुआ, यह सोमवार को बता सकता हूं। वायु प्रदूषण कम करने के लिए किए गए उपायों की जानकारी अभी साझा नहीं की जा सकती। 
-अशोक करे, प्रादेशिक अधिकारी, राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल नागपुर