दैनिक भास्कर हिंदी: 25 करोड़ की कर चोरी - अवैध सिगरेट फैक्ट्री का मामला ; चार राज्यों में 80 से अधिक अधिकारियों ने कीजांच

January 7th, 2019

डिजिटल डेस्क, छिंदवाड़ा/पांढुर्ना। ग्राम राजना के समीप स्थित ऐरोमा प्रोडक्शन प्राईवेट लिमिटेड नामक सिगरेट फैक्टरी में छापेमारी की कार्रवाई ऐतिहासिक रूप ले रही है। इस जांच में जीएसटी इंटीलिजेंस मुंबई, पुणे और डीआरआई इंदौर की टीम ने करोड़ों में चोरी का मामला पकड़ा है। इन विभागों के आला अधिकारी पांढुर्ना में डेरा जमाए हुए हैं। जीएसटी सहित अन्य जांच करने विभागों ने अब तक कोई अधिकृत जानकारी नही दी है फिर भी खबरें बाहर आई कि छापेमारी की कार्रवाई के दौरान फैक्टरी और गोदामों में मिले माल व पिछले दिनों हुई माल की लोडिंग में इतना माल भेजा गया है, जिसमें 25 करोड़ रुपए से अधिक कर की चोरी हुई है। जिसके तहत संचालकों ने लगभग सात करोड़ रूपए जमा करा दिए है। यह राशि जुर्माने की एक चौथाई बताई जा रही है।

कंपनी के अधिकारियों से चल रही सघन पूछताछ
इस मामले में वरिष्ठ अधिकारी लगातार सिगरेट कंपनी के अधिकारियों दीपक सोलंकी, स्नेहल पटेल, सागर जैन सहित कुछ अन्य रसूखदार लोगों से पूछताछ कर रहे है। मामले में महाराष्ट्र के एक बड़े राजनीतिक घराने के व्यक्ति की संलिप्तता होने की खबर भी आ रही है। गुरुवार को दीपक सोलंकी को इंदौर से और स्नेहल पटेल को मुंबई से लाया गया। गंभीरता देखते हुए डीआरआई के संयुक्त निर्देशक (मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़) खुद पांढुर्ना पहुंच गए।

देश के चार राज्यों में कंपनी का नेटवर्क, 80 अधिकारी जांच में जुटे
सिगरेट कंपनी का बड़ा कारोबार पूरे देश में संचालित हो रहा है। इसकी जांच में कमिश्नर लेवल के 25 से अधिक अधिकारी जुटे रहे। जानकारी के अनुसार पूरे देश में 80 से अधिक अधिकारी एक साथ छानबीन में जुटे थे। दीपक सोलंकी इंदौर से बिना बिल के माल की आपूर्ति का काम देखता है, जबकि पटेल लाईजिंग और लॉजिस्टीक की जिम्मेदारी संभालता है । इस पूरे अवैध कारोबार में सागर जैन मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।

हर बॉक्स पर 80 हजार की टैक्स चोरी
सूत्रों के अनुसार यह पूरा खेल राजस्व की चोरी का है। बंद फैक्टरी में बिना अनुमति के ब्रांडेड सिगरेट बनाई जा रही थी। एक सिगरेट के बॉक्स की खुले बाजार में 1.40 लाख रुपए कीमत है। जबकि इसमें 80 हजार रुपए टैक्स लगता है। फैक्टरी के संचालक और सप्लायर बड़ी मात्रा में बिना बिल के माल की सप्लाई कर रहे थे। जिसमें रोजाना राजस्व के लाखों रुपए की चोरी हो रही थी।

 

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