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बारिश के पहले ही लबालब हैं नागपुर के जलाशय, 2 साल तक बुझती रहेगी प्यास

बारिश के पहले ही लबालब हैं नागपुर के जलाशय, 2 साल तक बुझती रहेगी प्यास

डिजिटल डेस्क, नागपुर। पिछले साल बूंद-बूंद को तरस रहे तोतलाडोह और नवेगांव खैरी जलाशय में इस बार पानी इतना है कि अगर बारिश नहीं भी हुई तो दो साल तक नागपुर शहर की आराम से प्यास बुझ सकती है। रविवार तक तोतलाडोह जलाशय में 749.67 टीएमसी यानी 73.72 प्रतिशत और नवेगांव खैरी में 115.71 टीएमसी यानी 81.50 प्रतिशत जलभंडारण था। गत वर्ष इसी तारीख पर तोतलाडोह और नवेगांव का जलभंडारण शून्य था। करीब 15 वर्ष बाद शहर के लिए मृत भंडारण (डेड-स्टॉक) से पानी उठाना पड़ा था। फिलहाल इस बार संतोषजनक स्थिति है। तोतलाडोह सहित नागपुर विभाग के अन्य 17 बड़े जलाशयों में भी पर्याप्त पानी है। 18 बड़े जलाशयों में मौजूदा स्थिति में 1480.17 टीएमसी यानी 41.66 प्रतिशत पानी है। 

पिछले साल मई में ही खत्म हो गया था पानी 
नागपुर शहर के लिए पिछला वर्ष सबसे बुरा रहा। देर से बारिश होने के कारण शहर को भीषण जलसंकट का सामना करना पड़ा। मई में ही तोतलाडोह और नवेगांव खैरी का जल-भंडारण समाप्त हो गया। ऐसे में मनपा को  राज्य सरकार से तोतलाडोह के  डेड-स्टॉक से पानी उठाने की अनुमति लेनी पड़ी। इसके बाद शहर में एक दिन अंतराल से जलापूर्ति की गई। करीब 15 अगस्त तक शहर में यहीं स्थिति रही। मध्य प्रदेश में जमकर बारिश होने पर 15 अगस्त को चौराई बांध से पानी छोड़ा गया। इसके बाद तोतलाडोह में पानी जमा होना शुरू हुआ। कुछ दिनों बाद महाराष्ट्र के तोतलाडोह क्षेत्र में भी बारिश हुई। तब जाकर तोतलाडोह और नवेगांव खैरी बांध में स्थिति संतोषजनक बनी। एक समय ऐसा भी आया कि तोतलाडोह 100 प्रतिशत लबालब हो गया और उसके गेट खोलने पड़े। फिलहाल पिछले अनुभव को देखते हुए मनपा प्रशासन ने जल भंडारण के लिए अनेक उपाय योजना शुरू किए हैं।

नागपुर विभाग के 18 बड़े जलाशयों में 41% से ज्यादा पानी

नागपुर विभाग में 18 बड़े जलाशय हैं, जो संबंधित शहर, निकाय को जलापूर्ति करते हैं। तोतलाडोह से नागपुर को जलापूर्ति होती है। 

नागपुर 
तोतलाडोह     -     73.72% 
कामठी खैरी     -     71.50%
रामटेक (खिंडसी)    -     13.94%
लोवर नांद     -     22.90% 
वड़गांव बांध     -     47.83%

गोंदिया
इटियाडोह     -     29.45%
सिरपुर    -     17.07%
पुजारीटोला     -     66.74%
धापेवाड़ा बैराज-2    -     35.53% 

चंद्रपुर
असोलामेंढा  -  78.67%

गड़चिरोली
दिना     - 18.58%

वर्धा
बोर    -     42.06%
धाम जलाशय    -     37.73%
पोथरा    -     17.77%
लोअर वर्धा    -     54.77%

भंडारा
गोसीखुर्द     -     5.92%
बावनथड़ी     -     28% 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।