विधान परिषद: नागपुर और अकोला स्थानीय स्वराज्य संस्था के चुनाव से स्थिति रोमांचक

November 30th, 2021

डिजिटल डेस्क, नागपुर। राज्य में विधानपरिषद की छह में से चार जगह के लिए उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं, लेकिन नागपुर और अकोला स्थानीय स्वराज्य संस्था के चुनाव ने स्थिति को रोमांचक बना दिया है। पहले कांग्रेस ने भाजपा के नगरसेवक को अपने पाले में लिया। फिर उसे ही पार्टी का उम्मीदवार बनाकर भाजपा को तगड़ा झटका दिया। ऐसे में अब भाजपा को घर में कलह का डर सताने लगा है। चुनाव में खरीद-फरोख्त से अपने नगरसेवकों को बचाने के लिए भाजपा ने मध्यरात्रि और सोमवार को लंबी यात्रा पर भेज दिया है। 33 नगरसेवकों को गोवा, 20 को मध्यप्रदेश और शेष बचे सदस्यों को जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड में रवाना किया है।

घरों में पहुंचे पड़ताल करने
नगरसेवकों को रवाना करने से पहले शनिवार देर रात अफवाह उड़ी कि करीब 10 सदस्य कांग्रेस में प्रवेश करने वाले हैं। ऐसे में भाजपा के भीतर अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। जिन सदस्यों पर संदेह था, ऐसे नगरसेवकों के घर अपने कुछ खास लोगों को भेजकर जांच-पड़ताल की गई। पूछताछ के बाद कुछ ठोस प्रमाण नहीं मिला। इसके बाद जिसने यह खबर दी थी, उससे भी पूछताछ की। कई सवाल हुए, लेकिन कोई पुख्ता जानकारी हाथ नहीं लगी। इसके बाद पार्टी ने तुरंत इन सभी सदस्यों को लंबी यात्रा पर भेजने का निर्णय लेकर रविवार रात को ही इन्हें रवाना किया गया। शेष बचे सदस्यों को सोमवार को अलग-अलग जत्थों में भेजा गया। सभी को बाहर भेजने के बाद पार्टी पदाधिकारियों ने राहत की सांस ली है। पार्टी के आधिकारिक सूत्रों ने भी इस तरह की अफवाह उड़ने और जिसने जानकारी दी थी, उससे पूछताछ की पुष्टि की है। 

नागपुर पर पूरे प्रदेश की नजर
नागपुर स्थानीय स्वराज्य संस्था विधानपरिषद चुनाव पर संपूर्ण राज्य की नजर है। भाजपा के लिए यह जगह प्रतिष्ठा की है। भाजपा द्वारा पूर्व ऊर्जामंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को उम्मीदवारी दी गई है। कांग्रेस ने चुनाव के समय भाजपा से आयात किए डॉ. छोटू भोयर को मैदान में उतारा। इस राजनीतिक समीकरण के कारण भाजपा को नगरसेवकों की खरीद-फरोख्त का डर सता रहा है। चुनाव में नगरसेवकों की खरीद-फरोख्त से बचाने के लिए रविवार देर रात भाजपा ने नगरसेवकों को गोवा रवाना किया। नागपुर विमानतल से यह नगरसेवक रात में गोवा भेजे गए। शेष को सोमवार सुबह अलग-अलग जत्थों में भाजपा शासित राज्य में पर्यटन पर भेजा गया।

लगता है कांग्रेस ने हार मान ली 
भाजपा चुनाव को लेकर गंभीर है। लेकिन कांग्रेस जिस तरह से शांत है, उससे लग रहा है कि उसने चुनाव से पहले ही अपनी हार मान ली है। कांग्रेस के नेता नगरसेवकों की खरीद-फरोख्त की चर्चा कर उन्हें बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। इस कारण हमें हमारे नगरसेवकों में चिंता है। नगरसेवकों को बदनाम कर जनता में भ्रम निर्माण किया जा रहा है। कांग्रेस का यह प्रयास सफल नहीं होगा।       -अविनाश ठाकरे, सत्तापक्ष नेता, मनपा