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गन्ने के खेत में अपने शावकों के साथ छुपी है बाघिन, खौफजदा ग्रामीण

गन्ने के खेत में अपने शावकों के साथ छुपी है बाघिन, खौफजदा ग्रामीण

डिजिटल डेस्क, नागपुर। शहर के दक्षिण उमरेड वन परिक्षेत्र स्थित ग्राम निवासी गत 11 दिनों से बाघ की दहशत में जी रहे हैं। बेसूर नामक गांव में एक बाघिन अपने शावकों के साथ गन्ने के खेत में छुपी है। कुछ दिनों पहले इस बाघिन ने खेत मालिक पर हमला भी किया है। जिसके बाद से वन विभाग की टीम यहां तैनात है। नागपुर के विशोषज्ञ, डॉक्टर आदि भी इसकी जानकारी लेने घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं। वही स्टेट टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स की टीम भी यहां पहुंच गई है। बाघिन के साथ शावक रहने से उसे यहां से हटाया नहीं जा सकता है।   खेत में बाघ मौजूद होने से ग्राम निवासियों के लिए खतरा बढ़ गया है। ऐसे में मानव व वन्यजीवों की स्थिति निर्माण नहीं होनी चाहिए, इसलिए वन विभाग 24 घंटे जद्दोजहद कर रहा है। उपवनसंरक्षक ( प्रादेशिक) डॉ. प्रभुनाथ शुक्ला व अन्य वरिष्ठ वन अधिकारियों के नेतृत्व में नजर रखी जा रही है।

क्या है मामला 

दक्षिण उमरेड परिसर स्थित बेसूर में प्रभु गंधारे का गन्ने का खेत है। जहां 23 मई को वह और उनके खेत में काम करनेवाला कमलाकर नारनवरे मौजूद था। अचानक गन्ने के खेत से एक बाघिन ने दोनों पर हमला कर दिया। जिसके बाद से दोनों ग्राम निवासी बुरी तरह से घायल हो गये थे उन्हें उमरेड ग्रामीण अस्पताल में लाया गया। अभी इनकी तबीयत ठीक है। लेकिन घटना के बाद से बेसूर, केसलापार व खंडझरी गांव में बाघ की दहशत का माहौल बन गया। वन विभाग ने घटनास्थल पर पहुंच जगह का जायजा लिया।  यहां 20 से ज्यादा ट्रैंप कैमरे लगाये गए थे। जांच पड़ताल में सामने आया कि, बाघिन के साथ उसके शावक भी हैं। ऐसे में इस घटना की जानकारी वरिष्ठों को दी गई। नियमानुसार शावक साथ में रहने से बाघिन को  हटाया नहीं जा सकता ऐसे में गांव के नजदीक ही बाघिन की मौजूदगी मानव वन्यजीव संघर्ष को पैदा कर रही है। जिसके कारण वन विभाग ने इसे रोकने के लिए कमर कस ली है।

 वन विभाग की तैयारी

यहां पहुची टीम द्वारा 3 मचान बांधे गये हैं। 20 कैमरे के अलावा ड्रोन से परिसर पर नजर रखी जा रही है। बाघिन गांव के भीतर न घुसे इसलिये सोलर चलित विद्युत तारों की सीमा बनाई गई है। इसके अलावा खेत के बगल से रास्ता बनाया गया है। इसी के साथ ग्राम निवासियों को सतर्क रहने का इशारा दिया गया  है। हाल ही में कैमरे में शावकों के पगमार्क भी मिले हैं।

बेसूर गांव में खेत में एक बाघिन अपने शावकों के साथ मौजूद होने के कारण उसे यहां से हटाया नहीं जा सकता है। लेकिन ग्राम निवासियों की सुरक्षा के लिए हमारी टीम तैनात है। रात दिन बाघिन पर नजर रखने का प्रयास किया जा रहा है -डॉ. प्रभुनाथ शुक्ला, डीएफओ, वन विभाग नागपुर ( प्रादेशिक)

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