comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

दिवाली पर खूब हुई आतिशबाजी, पाबंदी के बावजूद शोर से बढ़ा पोल्यूशन

दिवाली पर खूब हुई आतिशबाजी, पाबंदी के बावजूद शोर से बढ़ा पोल्यूशन

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  इस साल कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और मनपा आयुक्त ने पटाखों पर पाबंदी की घोषणा की थी, बावजूद इसके शहर में दीपावली पर पटाखों का शोर और प्रदूषण जारी रहा। ध्वनिमुक्त क्षेत्र भी नहीं बच पाए। महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (एमपीसीबी) का दावा है कि शहर में पटाखों का शोर बेहद कम रहा है, लेकिन ध्वनि प्रदूषण की जांच रिपोर्ट के आंकड़ों में पटाखों का शोर दर्ज हुआ है। सबसे अहम बात यह कि पाबंदी को लेकर मनपा प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ ही पुलिस ने भी कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की।

ध्वनिमुक्त क्षेत्र में खूब प्रदूषण
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सिविल लाइन स्थित उपकरण में शनिवार की रात 9 बजे वायु प्रदूषण 168 माइक्रोग्राम दर्ज हुआ है। निर्धारित मानकों के मुताबिक 200 माइक्रोग्राम खतरनाक माना जाता है। शहर के महल, कलमना जैसे व्यावसायिक इलाकों के साथ ही अजनी जैसे ध्वनिमुक्त क्षेत्र में भी पटाखों का खूब प्रदूषण फैलाया गया। इस दौरान कोई कार्रवाई नजर नहीं आई। 

11 से 16 नवंबर तक जांच
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा शहर में ध्वनि प्रदूषण की साल में दो बार जांच की जाती है। कर्मचारियों के साथ ही उपकरणों की कमी के चलते मुंबई मुख्यालय ने ठाणे की निजी कंपनी महाबल एन्वायरो इंजीनियरिंग एजेंसी को जांच की जिम्मेदारी दी है। इस काम के लिए एजेंसी को 26,11,418 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। राज्य में 158 स्थानों पर दीपावली के दौरान 11 से 16 नवंबर तक ध्वनि प्रदूषण की जांच की जा रही है। 

नागपुर में इस प्रकार वर्गीकरण
महाबल एन्वायरो इंजीनियरिंग एजेंसी ने ध्वनि प्रदूषण जांच के लिए तीन जोन व्यावसायिक, निवासी एवं साइलेंट जोन में 10 स्थानों का चयन किया है। व्यावसायिक क्षेत्र में कलमना एचबी टाउन, इतवारी शहीद चौक, साइलेंट जाेन में मेडिकल चौक, अजनी चौक के अलावा निवासी क्षेत्र में वर्धमानगर देशपांडे ले आउट, महल में अयचित मंदिर चौराहा, सदर में गांधी चौक, सिविल लाइन में आकाशवाणी चौक, धरमपेठ में झंडा चौक शामिल हैं। इन इलाकों से मिलने वाले आंकड़ों को अधिकृत मानकर एमपीसीबी स्वीकार करती है। हालांकि एमपीसीबी की ओर से एजेंसी की जांच व्यवस्था की निगरानी का कोई प्रावधान नहीं होता है। आलम यह है कि एमपीसीबी के कार्यालयों में फील्ड अधिकारियों के पास ध्वनि प्रदूषण जांच के मीटर तक पर्याप्त संख्या में मौजूद नहीं हैं।

ध्वनि एवं वायु प्रदूषण में रही कमी
कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए विशेष एहतियात बरती गई। एनजीटी के निर्देशों को मनपा और पुलिस विभाग से साझा किया गया था। ध्वनि प्रदूषण निर्धारित सीमा से कम ही पाया गया है। पटाखों पर पाबंदी के चलते ध्वनि प्रदूषण में कमी हुई है।
-हेमा देशपांडे, उपप्रादेशिक अधिकारी, एमपीसीबी, नागपुर

सिविल लाइंस परिसर ही प्रदूषित
वायु प्रदूषण 168 माइक्रोग्राम और ध्वनि प्रदूषण 84 डेसिबल पहुंचना खतरे का परिचायक है। पटाखा बंदी की घोषणा के बावजूद एमपीसीबी और मनपा ने रोकथाम के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए। पर्यावरण को लेकर यह घोर लापरवाही है।
-कौस्तुभ चटर्जी, संस्थापक, ग्रीन विजिल फाउंडेशन

कमेंट करें
8Au2G
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।