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 महुआफूल चुनने गया व्यक्ति हुआ बाघ का शिकार  

 महुआफूल चुनने गया व्यक्ति हुआ बाघ का शिकार  

डिजिटल डेस्क, चंद्रपुर। गोंडपिपरी तहसील के परसोडी गांव में शनिवार को गांव के पास के जंगल में बाघ के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गयी। नंदू मारोती बोबडे( 45 ) मरने वाले का नाम बताया जा रहा है। परिजनों ने बताया कि नंदू बीते कुछ दिनों से महुआ फूल चुनने का काम कर रहा था। प्रतिदिन वह जंगल जाता था। शुक्रवार को भी वह जंगल गया था। परंतु वह घर नहीं लौटा । शनिवार को उसके परिजनों ने उसकी तलाश की। उस समय गांव के पास के ही जंगल में उसका अधखाया शव दिखाई दिया।

तत्काल इसकी जानकारी वनविभाग को दी गयी लेकिन वनरक्षक   ने अपने फोन बंद कर रखे थे जिससे पंचनामा में विलंब हुआ। तत्काल इसकी जानकारी कोठारी पुलिस को दी गयी। कोठारी पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए गोंडपिपरी के ग्रामीण अस्पताल भेजा गया। बताया जाता है कि ग्रीष्मकाल में धान पट्टे में कोई काम न होने से गुजारे के लिए लोग जंगलों पर आधारित  रोजगार पर निर्भर रहते  हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों  महुआ फूल चुनने का सीजन है। इसके बाद तेंदूपत्ता का काम भी शुरू होगा। परसोडी गांव के अधिकांश लोग महुआ फूल संकलन में सक्रिय है।

इस बीच शनिवार को सामने आयी घटना के बाद यहां बाघ की दहशत फैल गयी है। गांव के पास जंगल में बाघ का अधिवास होने से अब हक के रोजगार पर भी संकट आने की प्रतिक्रिया ग्रामीणों से मिल रही है। इस बीच वनविभाग से मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता करने की मांग उठाई जा रही है। उल्लेखनीय है कि कुछ ही दिन पूर्व नागभीड तहसील के गोविंदपुर परिसर में भालू के हमले में दो महिलाएं घायल हो गयी थी। इसके पूर्व ब्रम्हपुरी में एक महिला की मौत हो गयी थी। वन्यजीवों के हमले की घटनाएं लगातार बढ़ने के बावजूद वन विभाग द्वारा कोई कदम न उठाने से लोगों में नाराजगी व्याप्त है। 

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