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नदी के पत्थरों में घंटों फंसकर घायल हुए बाघ की मौत


डिजिटल डेस्क, भद्रावती(चंद्रपुर)। तहसील के वेकोलि माजरी क्षेत्र के चारगांव सब एरिया चेकपोस्ट समीप बहने वाली शिरना नदी के तट में पत्थरों के कप्पे में फंसे बाघ की गुरुवार को मौत हो गई। बता दें कि बुधवार को शिरना नदी के तट पर बाघ होने की खबर फैलते ही देखने वालों की भीड़ जुट गई थी। इस दौरान अनेक लोग वाहनों से यहां पहुंचे थे। इस बीच वेकोलि प्रबंधन ने भद्रावती के वनपरिक्षेत्र अधिकारी स्वाति महेशकर को यहां पर बाघ के फंसे होने की जानकारी दी।

जिसके बाद आरएफओ अपने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर बाघ को निकालने का प्रयास शुरू किया । दौरान पत्थरों में फंसे इस बाघ को निकालने के लिए वनविभाग के कर्मियों को वेकोलि ने अपना डोजर व क्रेन दी, जिसकी सहायता से इस बाघ को पिंजरे में डालने की मशक्कत शुरू हुई। देर शाम इस बाघ को पिंजरे में कैद करने का प्रयास हुआ। दौरान बाघ ने इस पिंजरे में अपने दोनों पैर डाले थे। परंतु वह बाहर निकलकर जंगल की ओर चला गया। पत्थरों में फंसे होने से बाघ बुरी तरह से घायल हो गया था। जिसकी गुरुवार को मौत होग गई। बताया जाता है कि घायल बाघ को बचाने के लिए वनविभाग की टीम सुबह से ही रेस्क्यू पर थी इस बीच क्षेत्र से गुजर रहे वाहनों से घबराकर बाघ ने छलांग लगाई जिससे उसकी मौत हो गई।  

 भद्रावती से 8-9 कि.मी. दूरी पर पश्चिम दिशा की ओर जुना कुनाडा के श्मशानभूमि के पास से बहनेवाली शिरना नदी के तट के पत्थरों के कप्पे में एक बाघ का पिछला पैर फंसने की अवस्था में वह वेकोलि कामगारों को दिखाई दिया था। कामगारों ने इसकी जानकारी अपने उपक्षेत्रीय अधिकारी को दी। जिसके बाद प्रबंधक ने भद्रावती के वनपरिक्षेत्र अधिकारी स्वाति महेशकर को सूचित किया। जानकारी मिलते ही आरएफओ अपने टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दौरान बाघ को निकालने में काफी कठिनाई होने से वेकोलि ने अपना डोजर व क्रेन दी। जिसकी सहायता से वनविभाग के अधिकारी व कर्मचारी इस बाघ को पिंजरे में डालने का प्रयास करते रहे। इस बीच बाघ को देखने के लिए हजारों की संख्या में भीड़ जुट गई थी।   वनविभाग के वरिष्ठ अधिकारी, भद्रावती व माजरी के पुलिस, तहसीलदार, इको-प्रो के बंडू धोतरे, संदीप जीवने, पायल पाटील, शुभम मेहरम, ओमदास चांदेकर, गौरव घोटेकर, प्रेमानंद पवार, राकेश बुरांडे, दिपक कावले, वेकोलि अधिकारी, कर्मचारी, सार्ट संगठन के पदाधिकारी मौजूद थे।  गौरतलब है कि इसी बाघ ने दो दिन पूर्व क्षेत्र के चारगांव के एक बैल पर हमला कर घायल किया था।

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